बीजिंग : चीनी विशेषज्ञों के अनुसार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तीन दिन की चीन यात्रा के दौरान भारत-चीन सीमा रक्षा सहयोग संधि पर दस्तखत होने की उम्मीद है जो वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच अकसर हो जाने वाली तनातनी से निबटने में ‘‘दोहरी गारंटी’’ होगी.
चाइना इंस्टीट्यूट्स ऑफ कंटेंपरी इंटरनेशनल रिलेशन्स में इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ ऐंड साउथईस्ट एशियन ऐंड ओशिनियन स्टडीज के निदेशक हू शिशेंग ने कहा कि रक्षा समझौता ‘‘सीमा संकट नियंत्रित करने में बहुत अहम होगा.’’ शिशेंग ने कहा, ‘‘दोनों राष्ट्रों ने सीमा मुद्दों के प्रबंधन के लिए कुछ तंत्र स्थापित किए हैं. अब, अगर उन्होंने यह कानूनी रुप से बाध्यकारी संधि कर ली तो यह दोहरी गारंटी होगी.
