मॉस्को:रूस की चिंताओं को दूर करने के स्पष्ट प्रयास में, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा कि रूस भारत की रक्षा जरूरतों के लिए ‘अनिवार्य’ सहयोगी बना रहेगा. प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि चुनौतियों का सामना करने के लिए द्विपक्षीय संबंधों को बदलते वक्त के अनुरूप ढाला जाना चाहिए. यहां क्रेमलिन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ शिखर वार्ता के दौरान सिंह ने भारत-रूस संबंधों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसमें एक दूसरे की सहजता और दोनों देशों के लोगों के बीच गर्मजोशी तथा सदभावना का पूरा ध्यान रखा जाता है, ताकि यह सुनिश्चित हो कि रणनीतिक साङोदारी बदलते विश्व में मजबूती और प्रासंगिकता के साथ आगे बढ़ सके.
प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की सदस्यता की दावेदारी का समर्थन करने के लिए रूस का धन्यवाद किया. उन्होंने उम्मीद जतायी कि दोनों देशों के संबंध और सहयोग में लगातार मजबूती आयेगी. विभिन्न स्तर पर मॉस्को और नयी दिल्ली के बीच बढ़ते द्विपक्षीय सहयोग की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि जी-20 और ब्रिक्स में भी दोनों देशों के आपसी संबंध महत्वपूर्ण हैं. सिंह ने कहा कि परमाणु अप्रसार, साइबर और अंतरिक्ष सुरक्षा में दोनों देशों के हित निहित हैं. उधर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, ‘रूस-भारत के बीच व्यापारिक संबंध अहम हैं. हम सक्रिय आर्थिक संबंध विकसित कर रहे हैं. हमारा आपसी व्यापार बढ़ रहा है. इसे और बढ़ाने की योजना है.
हम रक्षा तकनीक सहयोग समेत तमाम क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र महासभा, ब्रिक्स, जी-20, दक्षिण-पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन समेत अन्य वैश्विक महत्व के मंच पर दोनों देश मिल कर आवाज उठाते हैं.’ उन्होंने कि हमारे बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है. यह दोनों देशों के लिए सुखद संकेत है. रक्षा, ऊर्जा, सूचना तकनीक और पर्यटन के क्षेत्र में हम निवेश और व्यापार बढ़ायेंगे. वार्ता शुरू होने से पहले पुतिन ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया. उन्होंने कहा, ‘मैं रूस में आपका (प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह) और आपके साथ आये प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए प्रसन्नता महसूस कर रहा हूं.’ पुतिन बोले क्रेमलिन में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ शिखर बैठक शुरू होने पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कुछ इस तरह अपने उद्गार व्यक्त किये.
