मिस्र के ममी का अनसुलझा राज कुछ सुलझता नजर आ रहा है. जिस ममी की तलाश सौ वर्षों से की जा रही थी, ऐसा दावा किया जा रहा हैकि वह ममी मिल गयी है. यह ममी है महारानी नेफरतिती की. महारानी नेफरतिती की मूर्ति 1912 में जर्मन पुरात्वविदों को मिली थी. महारानी की सुंदरता अनोखी थी. इनकी ममी की तलाश प्राचीन मिस्र के सबसे चर्चित सम्राट-फराओ तूतनखामेन के मकबरे में की गयी थी. अब ब्रिटिश पुरातत्वविदोंनेयह दावा किया है कि आधुनिक तकनीक की मदद से प्राचीन मिस्र की सबसे खूबसूरत महारानी नेनेफरतिती की कब्र खोज निकाली गयी है.
महारानी नेफरतिती की कब्र उसी मकबरे में हैं जहां 100 साल पहले तूतनखामेन की ममी मिली थी. अगर इस मकबरे में महारानी नेफरतिती की ममी मिल जाती है, तो उस राज पर से भी परदा हट जायेगा कि आखिर तूतनखामेन और नेफरतिती का रिश्ता क्या था. अब तक ऐसा माना जाता है कि नेफरतिती तूतनखामेन की मां थी.
महारानी नेनेफरतिती बहुत खूबसूरत थी, वे महान फराओ अखनातन की रानियों में सबसे सुंदर थीं. बावजूद इसके उनका मकबरा आज तक नहीं मिल पाया है. उसकी मौत 1340 ईसापूर्व में हुई थी. वर्ष 1922 में ब्रिटिश पुरातत्ववेत्ता हॉवर्ड कार्टर ने फराओ तूतनखामेन के मकबरे की तलाश की थी और उसकी ममी को ढूंढ़ा था. अब ब्रिटिश पुरातत्वविद् डॉक्टर निकोलस रीव्स ने तूतनखामेन के मकबरे की दीवारों की हाई रेज्यूलूशन फोटो के विश्लेषण के बाद यह दावा किया है कि इस मकबरे के पीछे प्लास्टर में छुपा हुआ दरवाजा है, जिसमें नेफरतिती का मकबरा हो सकता है.
डॉक्टर रीव्स ने बकायदा सबूत के साथ कहा है कि तूतनखामेन की कब्र के पास दो गुप्त दरवाजे हैं. एक दरवाजा प्राचीन गोदाम का है. कब्र के उत्तर दिशा का दूसरा दरवाजा नेनेफरतिती की कब्र का है. ये कब्र उस मकबरे का हिस्सा है जिसे खासतौर से नेनेफरतिती के लिए बनाया गया था.
लेकिन महारानी नेफरतिती और तूतनखामेके बीच के रिश्तों का रहस्य जानने के लिए यह जरूरी है कि तूतनखामे के मकबरे की खुदाई हो,लेकिन सवाल यह है कि आखिर उस मकबरे की खुदाई करेगा कौन? ऐसा माना जाता है कि तूतनखामे के मकबरे की खुदाई करने वाले की मौत उसके श्राप से हो जाती है.ऐसे में सवाल यह है कि क्या कभी खुल पायेगा महारानी नेफरतिती और तूतनखामे के रिश्ते का राज?
