ब्रसेल्स: दिल्ली और मुंबई में सामूहिक बलात्कार के मामलों के बाद देश में मची हलचल के बीच, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि भारत को महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए नैतिक मानदंडों की समीक्षा करनी चाहिए क्योंकि ये अपराध भारत की गलत छवि पेश कर रहे हैं.राष्ट्रपति ने ‘यूरोन्यूज’ को दिये साक्षात्कार में कहा कि एक बात को मन में रखा जाना चाहिए. पिछले साल दिसंबर जैसी (महिलाओं के खिलाफ हिंसा)घटनाएं परेशान करने वाली हैं. कई बार मैंने कहा कि इसने राष्ट्रीय चेतना को झकझोर दिया. इस घटना ने भले ही किसी व्यक्ति या कुछ व्यक्तियों को प्रभावित किया हो लेकिन इसने राष्ट्र की चेतना को झकझोर दिया. इसके बाद बहसों और चर्चाओं की श्रृंखला शुरु हुई.
उन्होंने कहा कि लेकिन मीडिया में यह खुलासा एक हद तक इस तथ्य के कारण हुआ कि भारतीय महिलाएं सामान्यत: शर्मीली होती है, खासकर गांव की महिलाएं..पहले वे इसकी खबर नहीं देते थे. लेकिन आजकल वे पर्याप्त रुप से इस बारे में खबरें दे रहे हैं. एक तरह से यह अच्छा है. मुखर्जी ने कहा कि एक समय लगता है कि यह भारत की खराब छवि पेश कर रहा है लेकिन इसी के साथ हम जमीनी सच्चाई को नजरअंदाज नहीं कर सकते. अगर ऐसा होता है तो इस पर गौर किया जाना चाहिए और इसकी पहचान होनी चाहिए कि ऐसा हुआ है.चार दिन की राजकीय यात्रा पर ब्रसेल्स में मौजूद राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि महिलाओं के मुद्दों के बारे में लोगों खासकर पुरुषों को जागरुक करना बहुत महत्वपूर्ण है. मुखर्जी ने कहा कि उन्होंने अपने देशवासियों से नैतिक मानदंडों की समीक्षा करने के लिए कहा है क्योंकि भारत हमेशा से महिलाओं का सम्मान करने के लिए जाना जाता है.
