जिनेवा:संयुक्त राष्ट्र की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत उन देशों मे शामिल है जो बुजुगरें के रहने के लिए बेहतर देश नहीं हैं. 91 देशों को लेकर बनायी गयी इस रिपोर्ट में भारत को 73वां स्थान मिला है. बुजुर्गो की आय, सेहत, शिक्षा, रोजगार व उनके आसपास के परिवेश को ध्यान में रख कर तैयार की गयी रैंकिंग ‘ग्लोबल ऐज वॉच इंडेक्स 2013’ ने जारी की.
रिपोर्ट के मुताबिक, बुजुगरें के रहने के लिए सबसे बेहतर देश स्वीडन है, उसके बाद नार्वे व र्जमनी का नंबर आता है, जबकि अफगानिस्तान सबसे खराब देश है. रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि विश्व के कई देश बढ.ती उम्र के ‘टाइम बंब’ से निबटने में सक्षम नहीं हैं.
बोलिविया, श्रीलंका की तारीफ
दुनिया के गरीब देशों में से एक होने के बावजूद बोलिविया अपने बुजुगरें को मुफ्त चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराता है, जबकि श्रीलंका काफी लंबे समय से स्वास्थ्य और शिक्षा में इनवेस्ट कर रहा है जिसके चलते रिपोर्ट में इन दोनों देशों की काफी तारीफ की गयी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि बुजुगरें को ध्यान में रखते हुए स्वीडन ने पेंशन व्यवस्था एक शताब्दी पहली ही लागू कर दी थी, जबकि नार्वे ने इसे 1937 में लागू किया था. बुजुगरें को सुविधाएं उपलब्ध करवाने में देश के सीमति संसाधन आडे. नहीं आने चाहिए.
दक्षिण एशिया में बदतर स्थिति
कई अफ्रीकी व साउथ एशियन देशों को बुजुगरें के रहने लिए अच्छा नहीं माना है. इसमें तंजानिया, पाकिस्तान व अफगानिस्तान को सबसे नीचे रखा गया है.
चीने 35वें स्थान पर
रैंकिंग में उभरती अर्थव्यवस्थाओं ब्राजील और चीन को क्र मश: 31वें और 35वं स्थान पर रखा गया है, जबकि दक्षिण अफ्रीका,भारत और रूस को 65, 73 और 78वें स्थान पर रखा गया है.
