बीजिंग : भारत और चीन के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अगले महीने प्रस्तावित बीजिंग दौरे से पहले सीमा सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्था को लेकर बातचीत की जिसमें यह सहमति बनी कि सीमा पर शांति और सौहार्द दोनों देशों के संबंधों के विस्तार के लिए जरुरी है.चीन-भारत सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय कार्य समूह की बैठक में प्रस्तावित सीमा सुरक्षा सहयोग समझौते (बीडीसीए) पर चर्चा सकारात्मक मोड़ पर संपन्न हुई. इस समझौते का मकसद वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगे इलाकों में तनाव का सही ढंग से निवारण करना है.
यह बैठक वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगे इलाकों में चीन के सैनिकों की ओर से कई बार घुसपैठ किए जाने की पृष्ठभूमि में हुई है. विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की अगुवाई वाले कार्य समूह का गठन सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच की समस्याओं को दूर करने के लिए किया गया था.
भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा, ‘‘दो दिवसीय बैठक स्पष्ट, सार्थक और उम्मीद से भरे माहौल में हुई.’’ बयान में कहा गया है, ‘‘भारत-चीन सीमा से लगे इलाकों, खास पश्चिमी सेक्टर में हुए हालिया घटनाक्रमों की समीक्षा करते हुए दोनों प्रतिनिधिमंडल ने इस पर सहमति जताई कि भारत-चीन संबंधों के विस्तार के लिए सीमा पर शांति एवं सौहार्द जरुरी है.’’ इसमें कहा गया है, ‘‘इस संदर्भ में दोनों पक्षों ने सीमा पर स्थिरता कायम रखने लिए आगे के कदमों पर चर्चा की.’’
