लाहौर: पाकिस्तान की एक अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की ‘‘सेना विरोधी टिप्पणी’’ के लिए उनके खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग वाली एक याचिका आज खारिज कर दी.याचिकाकर्ता एवं पूर्व सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ की ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग के नेता इलियास गुज्जर ने लाहौर हाईकोर्ट में दलील दी कि जरदारी एवं पीपीपी के अन्य नेताओं ने उत्तर वजीरिस्तान में आपरेशन जर्बे अज्ब चलाने के लिए देश की सेना के खिलाफ टिप्पणियां की हैं.
जरदारी ने गत सप्ताह सेना को सिंध में वर्चस्व बढाने को लेकर निशाने पर लिया था जहां उनकी पार्टी सत्ता में है.याचिकाकर्ता ने दलील दी कि जरदारी का बयान देश और उसके संस्थानों के प्रति सम्मान के खिलाफ है. उसने कहा, ‘‘जरदारी ने संविधान के अनुच्छेद छह के तहत राजद्रोह किया है और देश को अस्थिर करने के लिए उनके खिलाफ राजद्रोह के आरोपों में मुकदमा चलाया जाना चाहिए.’’
दलीलें सुनने के बाद जस्टिस इजाजुल अहसन ने याचिका खारिज कर दी.
