मिस्र : पूर्व राष्ट्रपति मुर्सी समेत 17 अन्य को उम्रकैद की सजा

काहिरा : मिस्र की एक अदालत ने आज जासूसी के एक मामले में अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी, मुस्लिम ब्रदरहुड के सर्वोच्च नेता मोहम्मद बदी और 15 अन्य लोगों को उम्रकैद की सजा सुनायी है. मुर्सी सहित 36 अन्य लोगों पर फलस्तीनी संगठन हमास और लेबनानी चरमपंथी संगठन हिज्बुल्ला सहित कई विदेशी संगठनों के साथ मिलकर […]

काहिरा : मिस्र की एक अदालत ने आज जासूसी के एक मामले में अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी, मुस्लिम ब्रदरहुड के सर्वोच्च नेता मोहम्मद बदी और 15 अन्य लोगों को उम्रकैद की सजा सुनायी है. मुर्सी सहित 36 अन्य लोगों पर फलस्तीनी संगठन हमास और लेबनानी चरमपंथी संगठन हिज्बुल्ला सहित कई विदेशी संगठनों के साथ मिलकर मिस्र की सुरक्षा को छिन्न-भिन्न करने की साजिश रचने का आरोप था.

इस मामले में 17 अन्य अभियुक्तों को मौत की सजा सुनाई गयी है. इनमें मुस्लिम ब्रदरहुड के नेता खौरात अल शतर, मोहम्मद अल बेल्तागी और अहमद अब्दुल अती शामिल हैं.
इन लोगों पर आतंकवाद के लिए वित्तपोषण करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप था. मिस्र में हुस्नी मुबारक की सत्ता से विदाई के बाद मुर्सी लोकतांत्रिक रुप से निर्वाचित हुए थे, लेकिन जुलाई, 2013 में सेना ने तख्तापलट के जरिए उनको सत्ता से बेदखल कर दिया गया.
पिछले महीने अदालत ने मुर्सी, बदी और 100 से अधिक दूसरे इस्लामवादी नेताओं को जासूसी एवं 2011 की क्रांति के दौरान एक जेल से कैदियों के भागने के दो मामलों में मौत की सजा सुनायी थी. इन दो मामलों में सभी सजा को मुफ्ती-ए-आजम के पास भेजा गया है. मिस्र के कानून के मुताबिक मुफ्ती-ए-आजम मौत से संबंधित मामलों की समीक्षा कर सकते हैं.

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