अमेरिका ने भारत के दवा संयंत्रों की जांच बढ़ाई

नयी दिल्ली : अमेरिकी खाद्य एवं दवा प्रशासन (यूएसएफडीए) भारत में दवा विनिर्माण संयंत्र की जांच बढ़ा दी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन संयंत्रों में दवायें तैयार करने के स्वीकृत विनिर्माण मानदंडों का अनुपालन किया जा रहा है. भारत अमेरिको को तैयार दवाओं की आपूर्ति करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है. […]

नयी दिल्ली : अमेरिकी खाद्य एवं दवा प्रशासन (यूएसएफडीए) भारत में दवा विनिर्माण संयंत्र की जांच बढ़ा दी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन संयंत्रों में दवायें तैयार करने के स्वीकृत विनिर्माण मानदंडों का अनुपालन किया जा रहा है. भारत अमेरिको को तैयार दवाओं की आपूर्ति करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है.

अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक भारत में अतिरिक्त जांचकर्ताओं की नियुक्ति कर उन्हेंप्रशिक्षण दे रहा है. यूएसएफडीए ने कई दवा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई शुरु की है जिनमें रैनबैक्सी लेबोरेटरीज और वोकहार्ट जैसी नामी कंपनियां शामिल हैं. यूएसएफडीए ने कहा कि वह नये अमेरिकी खाद्य एवं दवा प्रशासन सुरक्षा एवं नवप्रवर्तन अधिनियम के अनुसार भारत में जांच तेज कर रहा है.

यूएसएफडी प्रवक्ता किस्टोफर सी केली ने ईमेल पर भेजे जवाब में कहा मार्च 2013 में अमेरिकी एफडीए को भारत सरकार से वहां सात अतिरिक्त दवा जांचकर्ताओं को जोड़ने की मंजूरी मिली. हम फिलहाल इस पद पर कर्मचारियों की नियुक्ति कर रहे हैं और उन्हें प्रशिक्षित कर रहे हैं. एजेंसी ने भारत में अमेरिकी कर्मचारियों की संख्या 12 से बढ़ा कर 19 कर दी है. इनमें से 10 केवल भेषजों के लिए है.

अमेरिका विदेशी दवा कारखानों में सफाई और शुद्धता आदि के वही मानक चाहता है जो उसके यहां के कारखानों में लागू होते है. केली ने कहा, अमेरिका को भरोसा है कि बहुत सी कंपनियां इस बात को समझती है और वे विनिर्माण कार्य में अच्छी पद्धति का प्रयोग करती है. हम हमेशा सावधान रहते हैं और यदि गड़बड़ी होती है तो कंपनी पर कार्रवाई की जाती है.

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