कोलंबो: श्रीलंका के तमिल बहुल उत्तरी प्रांत में एक प्रशासनिक परिषद के निर्वाचन के लिए आज 50 फीसदी से अधिक लोगों ने मतदान किया.लिटटे और सेना के बीच लड़ाई के केंद्र रहे इस क्षेत्र में 25 साल के अंतराल में यह पहला चुनाव है जो सेना से लिट्टे की हार के चार साल बाद हो रहा है.दोपहर के समय तक अधिकांश इलाकों में आधे से अधिक लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.
साल 2009 में लिट्टे को मिली हार तक यह क्षेत्र इसी विद्रोही संगठन के प्रभाव में था और युद्धकाल के बाद यह पहला प्रांतीय प्रशासनिक चुनाव है. इसके लिए पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 850 मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान आरंभ हुआ.चुनाव पर्यवेक्षकों ने कहा कि सैनिक और पुलिसकर्मी सड़कों पर गश्त कर रहे हैं. प्रांत में दो हजार से अधिक स्थानीय और विदेशी चुनाव पर्यवेक्षक तैनात हैं. करीब 7,15,000 मतदाता हैं. चुनाव में पांच साल के लिए 36 सदस्यीय उत्तर प्रांतीय परिषद निर्वाचित की जाएगी.
उत्तर प्रांतीय परिषद के अधिकारक्षेत्र में जाफना, किलिनोच्चि, मन्नार, मुल्लाइतिवू और वावूनिया जिले होंगे. ये जिले दशकों तक लिट्टे का गढ़ रहे थे. उत्तर परिषद के चुनावों में लगभग 906 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. 1987 में हुए भारत..लंका समझौते से जुड़े 13वें संशोधन के तहत परिषदों को गठित किए जाने के बाद यह पहला चुनाव है.
