साना: दक्षिणी यमन में एक साथ किए गए तीन हमलों में कम से कम 56 पुलिसकर्मियों और सैनिकों की मौत हो गई. आशंका है कि हमले अल कायदा ने किए हैं. सेना के सूत्रों ने यह जानकारी दी.सूत्रों ने बताया कि अल कायदा की यमन में सक्रिय शाखा ने तीन में से दो हमले शाबवा प्रांत में बम से लदे वाहनों के जरिए किए. इसके साथ ही अल कायदा के बंदूकधारियों ने 15 किलोमीटर दूर सेना के शिविर पर घातक हमला किया, जिसमें कम से कम 38 सैनिक मारे गए.
शाबवा की राजधानी अताक में एक सरकारी अधिकारी ने बताया, ‘‘सैनिकों ने शिविर के गेट पर बंदूकधारियों से संघर्ष किया, लेकिन उसके बाद बम से लदा एक वाहन शिविर में घुसा और कार विस्फोट में 38 सैनिक मारे गए.सैन्य सूत्रों ने हमले और इसमें मरने वाले सैनिकों की संख्या की पुष्टि की है. इसके साथ ही निकटवर्ती अल नुशैमा इलाके में एक आत्मघाती बमधारक ने एक ठिकाने पर पहुंचकर कार में खुद को विस्फोट से उड़ा दिया. इस हमले में 10 सैनिक मारे गए. सैनिक अधिकारी ने यह जानकारी दी.
यमनी अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि अल कायदा लगभग हर रोज दक्षिणी और पूर्वी भागों में सेना और पुलिस को अपना निशाना बना रहा है.अल कायदा के संदिग्ध बंदूकधारियों ने शाबवा में ही मैफा इलाके में विशेष बलों के शिविर पर गोलियां बरसाकर आठ पुलिसकर्मियों की जान ले ली.
अल कायदा ने 2011 में देश में हुई उथल पुथल का फायदा उठाते हुए अपनी स्थिति मजबूत कर ली. इस दौरान वयोवृद्ध राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह को अपना पद छोड़ना पड़ा था. यमन को अल कायदा के संस्थापक ओसामा बिन लादेन का पैतृक निवास माना जाता है और अमेरिका एक्यूएपी को इस वैश्विक आतंकी नेटवर्क की सबसे घातक शाखा मानता है.
