सीरिया पर प्रस्ताव में रुस बल प्रयोग के खिलाफ

दमिश्क: मास्को ने जोर देकर कहा कि सीरिया पर सुरक्षा परिषद के नये प्रस्ताव में बल प्रयोग की इजाजत नहीं है जबकि यहां के मुख्य विपक्षी संगठन ने संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की पुष्टि होने के बाद तीव्रता से अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया किए जाने की मांग की है. इसबीच, सीरियाई मानवाधिकार […]

दमिश्क: मास्को ने जोर देकर कहा कि सीरिया पर सुरक्षा परिषद के नये प्रस्ताव में बल प्रयोग की इजाजत नहीं है जबकि यहां के मुख्य विपक्षी संगठन ने संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल की पुष्टि होने के बाद तीव्रता से अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया किए जाने की मांग की है.

इसबीच, सीरियाई मानवाधिकार संगठनों ने बताया कि तुर्की से लगी देश की अशांत सीमा पर स्थित बाब अल हवा क्रासिंग पर एक कार बम विस्फोट हुआ जिसमें कम से कम 15 लोग मारे गए. उधर मास्को में रुस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि उनके देश ने बल प्रयोग को खारिज करने के बारे में उस वक्त स्पष्ट रुप से कह दिया था जब सीरिया के अपने रासायनिक हथियारों को सौंपने के समझौते पर जिनेवा में अमेरिका और रुस के दूतों के बीच चर्चा हो रही थी.

लावरोव ने कहा कि यदि यह संकेत मिलते हैं कि सीरिया समझौते का पालन नहीं कर रहा है या रासयनिक हथियारों के फिर से इस्तेमाल किए जाने की कोई रिपोर्ट मिलती है तो सुरक्षा परिषद हालात की जांच करेगी. उन्होंने कहा कि मुद्दे पर पुनिर्विचार किया जा सकता है.

उन्होंने अपने फ्रांसीसी समकक्ष लारेंट फेबियस के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही. फ्रांस और अमेरिका का कहना है कि सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला हुआ है.संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों के अपनी रिपोर्ट सौंपने के एक दिन बाद मास्को में बैठक हुई है. गौरतलब कि 21 अगस्त को सीरिया में रासायनिक हमले हुए थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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