कोयला खदान ढहने से 27 की मौत

काबुल : उत्तरी अफगानिस्तान में आज एक कोयला खदान ढह जाने से कम से कम 27 खनिकों की मौत हो गयी. खदान में निचले तल पर फंसे करीब 12 खनिकों को बचाने के प्रयास जारी हैं. समानगन प्रांत के एक दूरवर्ती इलाके में कल हुए इस हादसे के बाद आपात टीमें घटनास्थल पर पहुंची और […]

काबुल : उत्तरी अफगानिस्तान में आज एक कोयला खदान ढह जाने से कम से कम 27 खनिकों की मौत हो गयी. खदान में निचले तल पर फंसे करीब 12 खनिकों को बचाने के प्रयास जारी हैं. समानगन प्रांत के एक दूरवर्ती इलाके में कल हुए इस हादसे के बाद आपात टीमें घटनास्थल पर पहुंची और शवों को बाहर निकाला गया.

प्रांत के गवर्नर के प्रवक्ता मोहम्मद सादिक अजीजी ने बताया,‘‘ रुई देउ आब जिले में अबखोराक कोयला खदान में एक भूमिगत खदान में काम कर रहे 27 खनिक मारे गए हैं.’’ 20 लोगों के घायल होने की जानकारी देते हुए अजीजी ने कहा, ‘‘ ये लोग कोयला खदान में काम कर रहे थे कि उसी समय खदान का हिस्सा ढह गया. आगे की जांच के लिए हम घटनास्थल पर जा रहे हैं.’’ प्रांत के उप सुरक्षा प्रमुख मोसादीकुल्लाह मुजाफरी ने बताया कि चार बचावकर्मी बुरी तरह घायल हुए हैं और करीब 12 खनिक अभी भी नीचे फंसे हैं.

अफगानिस्तान की कोयला खदानों में सुरक्षा हालात काफी खतरनाक हैं जिनमें आज भी पुराने जमाने की तरह काम होता है और वहां हवा की आवाजाही के लिए कोई उपाय नहीं किए गए हैं.

अस्सी के दशक में सोवियत संघ के कब्जे में रहे अफगानिस्तान का अमेरिका ने 2006 में हवाई खनन सर्वेक्षण कराया था और पाया था कि देश में एक खरब अमेरिकी डालर मूल्य की खनिज संपदा है.

सरकार भविष्य के आय के साधनों के रुप में खदानों के वाणिज्यिक इस्तेमाल पर भरोसा करके चल रही है और इस उद्योग के नियमन के जल्द ही एक नया खनन कानून बनने जा रहा है. लेकिन विभिन्न मंत्रलयों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण संबंधित विधेयक संसद में अटका पड़ा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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