इस्लामाबाद : पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने देश में असैन्य सरकार की सर्वोच्चता कायम करने के अपने प्रयासों के तहत एक समिति का गठन किया है जो छावनी बोडरें में स्थानीय स्तर के जनप्रतिनिधियों के दखल को बढ़ावा देने का काम करेगी.
चुनाव आयोग ने आगामी तीन नवंबर को छावनी बोडरें के चुनाव कराने का ऐलान किया है. इस बीच शरीफ की ओर से गठित 12 सदस्यीय समिति साल 2002 में तत्कालीन सैन्य शासक परवेज मुशर्रफ द्वारा उस अध्यादेश की समीक्षा कर रही है जिसमें छावनी बोर्ड के अध्यक्ष के तौर पर किसी ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारी के पास सभी वित्तीय और कार्यकारी अधिकार होते हैं. इस अधिकारी को स्टेशन कमांडर बोलते हैं.
समाचार पत्र ‘द न्यूज’ के अनुसार स्टेशन कमांडर की शक्तियों में कितनी कटौती की जाएगी और जन प्रतिनिधियों की शक्ति को कितना बढ़ाया जाएगा, इसके बारे में अभी कुछ पता नहीं है.खबर में कहा गया है कि शरीफ 2002 में छावनी अध्यादेश 2002 में संशोधनों को लेकर एक मसौदा पेश करने वाले हैं.
