सुनहरे अक्षरों में लिखी जायेगी जरदारी की विरासत: बिलावल

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे बिलावल भुट्टो जरदारी का कहना है कि पाकिस्तान में अनियंत्रित गठबंधन और न्यायपालिका एवं सर्वशक्तिशाली प्रतिष्ठान से लगातार जारी हमलों के बावजूद देश में लोकतांत्रिक ढंग से सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण करने वाले पूर्व राष्ट्रपति की विरासत सुनहरे अक्षरों में लिखी जायेगी. पाकिस्तान के तीन […]

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे बिलावल भुट्टो जरदारी का कहना है कि पाकिस्तान में अनियंत्रित गठबंधन और न्यायपालिका एवं सर्वशक्तिशाली प्रतिष्ठान से लगातार जारी हमलों के बावजूद देश में लोकतांत्रिक ढंग से सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण करने वाले पूर्व राष्ट्रपति की विरासत सुनहरे अक्षरों में लिखी जायेगी.

पाकिस्तान के तीन समाचार पत्रों में आज प्रकाशित एक लेख में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह अध्यक्ष बिलावल ने कहा, मैं भरोसे के साथ यह कह सकता हूं कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की विरासत सुनहरे अक्षरों में लिखी जाएगी. मैं यह उनका बेटा होने या पीपीपी का सह अध्यक्ष होने के नाते नहीं, बल्कि इतिहास का छात्र होने के नाते कह रहा हूं.

जरदारी के कार्यकाल की अमेरिका के लिंडन बी जॉनसन के कार्यकाल से तुलना करते हुए बिलावल ने लिखा, वह भी एक आकस्मिक राष्ट्रपति थे. वह मशहूर और करिशमाई जॉन एफ केनेडी (जेएफके) की हत्या के बाद सत्ता में आये. शहीद मोहतरमा बेनजीर भुट्टो की तरह जेएफके को भी देश के प्रति अपना नजरीया और एजेंडा लागू करने से पहले ही मार डाला गया.

अपने पिता की उपलब्धियों का बखान करते हुए बिलावल ने कहा कि जरदारी ने ऐतिहासिक 18वें संशोधन के जरिए सर्वशाक्तिशाली नागरिक राष्ट्रपति के तौर पर मिली अपनी शक्तियां छोड़ दी और केंद्र से प्रांतों को ज्यादा शक्तियां सौंपकर लोकतांत्रिक एवं संघीय ढांचे को मजबूत किया.

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