आतंकवाद रोकने के उपाय को व्यापारिक गुप्तचरी न माना जाए: अमेरिका

वाशिंगटन : अमेरिका में राष्ट्रीय सूचना के निदेशक जेम्स क्लेपर ने कहा है कि आतंकवादियों वित्तपोषण (टेरर फिनांसिंग) के बारे में जुटाई गई खुफिया जानकारी से अनेक जिंदगियां बची हैं और इसे दूसरे देशों के कारोबारी रहस्य इकट्ठे करने के लिए अमेरिका की ओर से की गयी जासूसी नहीं कहा जाना चाहिए. कलेपर ने कहा, […]

वाशिंगटन : अमेरिका में राष्ट्रीय सूचना के निदेशक जेम्स क्लेपर ने कहा है कि आतंकवादियों वित्तपोषण (टेरर फिनांसिंग) के बारे में जुटाई गई खुफिया जानकारी से अनेक जिंदगियां बची हैं और इसे दूसरे देशों के कारोबारी रहस्य इकट्ठे करने के लिए अमेरिका की ओर से की गयी जासूसी नहीं कहा जाना चाहिए.

कलेपर ने कहा, आतंकवादियों को वित्तपोषण के बारे में सूचनाओं के संग्रहण से जिंदगियां बची हैं. 11 सितंबर के बाद से गुप्तचर समुदाय अनेक आतंकवादी नेटवर्क को उनके धन प्रवाह का पीछा करते हुए तोड़ने में सफलता अजिर्त की है. उन्होंने कहा, अमेरिका तथा हमारे सहयोगियों के हितों को बल देने के प्रयासों में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठनों, व्यापक विनाश के भंडारों को बढाने वालों, अवैध हथियार डीलरों तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के उल्लंघन का प्रयास करने वालों को निशाना बनाया जा सकता है.

कलेपर के अनुसार पहले भी कहा जा चुका है कि हम अपनी विदेशी सूचना या गुप्तचर क्षमताओं का इस्तेमाल विदेशी कंपनियों के कारोबारी रहस्य जुटाने के लिए नहीं करते हैं ताकि उनकी मदद से अमेरिकी कंपनियां अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमताएं बढा सकें.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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