काबुल: तालिबान ने भारतीय लेखिका सुष्मिता बनर्जी की हत्या में अपनी संलिप्तता से इंकार किया है, हालांकि अफगान अधिकारियों ने इसके लिए तालिबान आतंकवादियों को ही जिम्मेदार ठहराया है.
बीते बुधवार की रात अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में कुछ नकाबपोश बंदूधकारियों ने सुष्मिता को घर से बाहर निकालकर गोली मार दी थी. वह अपने पति के साथ रह रही थीं. पुलिस के अनुसार तालिबान के खिलाफ अपने संघर्ष को लेकर लिखी पुस्तक की वजह से ही तालिबान आतंकवादियों ने सुष्मिता की हत्या की होगी. प्रांतीय पुलिस प्रमुख दौलत खान जदरान ने बताया, ‘‘हमारी अब तक की जांच से संकेत मिलता है कि लेखिका के खिलाफ आतंकवादियों की नाराजगी थी क्योंकि उन्होंने अतीत में इनके खिलाफ लिखा और बोला था.’’तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने कहा, ‘‘हम इस दावे को खारिज करते हैं कि भारतीय महिला की हत्या में मुजाहिदीन शामिल थे. यह मुजाहिदीनों को बदनाम करने के लिए सरकार का दुष्प्रचार है.’’
