चांद की खुदाई की हो रही तैयारी, सतह के नीचे है ये खास चीज

वाशिंगटन : विशेषज्ञों का कहना है कि खनन के लिए चंद्रमा एक समृद्ध स्थान है जहां इसके ध्रुवों पर 1.6 टन पानी बर्फ के रुप में मौजूद है और इस उपग्रह की सतह के नीचे ‘रेयर अर्थ’ तत्व प्रचुर मात्र में छिपा हुआ है. रेयर अर्थ तत्वों का इस्तेमाल मोबाइल फोन, कंप्यूटर, कार की बैटरी […]

वाशिंगटन : विशेषज्ञों का कहना है कि खनन के लिए चंद्रमा एक समृद्ध स्थान है जहां इसके ध्रुवों पर 1.6 टन पानी बर्फ के रुप में मौजूद है और इस उपग्रह की सतह के नीचे ‘रेयर अर्थ’ तत्व प्रचुर मात्र में छिपा हुआ है.
रेयर अर्थ तत्वों का इस्तेमाल मोबाइल फोन, कंप्यूटर, कार की बैटरी सहित कई सारे इलेक्ट्रानिक उपकरणों में किया जाता है. जर्नल फिजिक्सि वर्ल्ड में प्रकाशित आलेख के मुताबिक निजी कंपनियां और अंतरिक्ष संगठन इन संसाधनों को हासिल करने और चंद्रमा की निर्जन पड़ी सतह का दोहन करने का सपना देख रहे हैं.
मानवरहित अंतरिक्षयान ने चंद्रमा के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों पर बर्फ के रुप में पानी होने का पता लगाया है. विज्ञान लेखक रिचर्ड कोरफील्ड ने आलेख में लिखा है कि चंद्रमा पर खनन दिलचस्प है, जहां बर्फ और ईंधन है. टेक्सास स्थित शेकल्टन इनर्जी कंपनी की योजना पानी से बने बर्फ के भंडार का खनन करने और इसे हाईड्रोजन और ऑक्सीजन के रुप में रॉकेट के प्रणोदक (ईंधन) के रुप में तब्दील करने की है जिसे बाद में पृथ्वी की निचली कक्षा में अंतरिक्ष साझेदारों को बेचा जाएगा.
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेल तीत्ज ने बताया कि अंतरिक्ष में गैस स्टेशन बनाने की योजना है. कंपनी की योजना चंद्रमा के ध्रुवों पर मानव और रोबोट भेजने की है. आलेख के मुताबिक मून एक्सप्रेस नाम की एक और कंपनी ने इस तरह का ईंधन तैयार करने में रुचि दिखाई है.
आलेख के मुताबिक चंद्रमा पर रेयर अर्थ तत्वों के लिए चीन सर्वाधिक अहम कदम बढा रहा है. जेड रैबिट लैंडर दिसंबर 2013 में सफलतापूर्वक चंद्रमा पर उतरा था.
गौरतलब है कि रेयर अर्थ तत्वों के मामले में चीन बाजार में एकाधिकार रखता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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