ट्विटर अकाउंट बंद होने से बौखलाया हाफिज

लाहौर : जमात उद दावा ने अपने प्रमुख हाफिज सईद के ट्विटर अकाउंट को बंद किए जाने का विरोध करते हुए आज कहा कि माइक्रो ब्लागिंग साइट ने यह कदम भारत को खुश करने के लिए किया है. जेयूडी प्रवक्ता याहया मुजाहिद ने एक बयान में कहा, नयी दिल्ली के दबाव में आकर ट्विटर प्रबंधन […]

लाहौर : जमात उद दावा ने अपने प्रमुख हाफिज सईद के ट्विटर अकाउंट को बंद किए जाने का विरोध करते हुए आज कहा कि माइक्रो ब्लागिंग साइट ने यह कदम भारत को खुश करने के लिए किया है.
जेयूडी प्रवक्ता याहया मुजाहिद ने एक बयान में कहा, नयी दिल्ली के दबाव में आकर ट्विटर प्रबंधन ने जमात उद दावा और इसके प्रमुख के आधिकारिक अकाउंटों को अपनी साइट से हटा दिया है. यह कार्रवाई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है और हम पश्चिम के दोहरे मापदंड का कड़ा विरोध करते हैं. ट्विटर ने कल सईद और जेयूडी के अकांउट को बगैर कोई खास कारण बताए बंद कर दिया था. दरअसल, इसे लगा था कि जेयूडी और सईद, दोनों के अकाउंट लोगों को आतंकी गतिविधियों में भाग लेने के लिए उकसा रहे हैं. इस वजह से उनके अकाउंट बंद कर दिए गए.
ट्विटर की नीति पर सवाल खड़े करते हुए मुजाहिद ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पुरोधा सच्चाई को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं.
उसने कहा, ऐसी तरकीबों से सच्चाई को नहीं दबाया जा सकता. जेयूडी के खिलाफ कार्रवाई ने उन लोगों को बेनकाब कर दिया है जो खुद को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतंत्र का झंडाबरदार बताते हैं. मुजाहिद ने कहा, फेसबुक ने जेयूडी के कई पेज पहले भी हटाए हैं. ऐसे कदम इस्लाम विरोधी और मुस्लिम विरोधी हैं.
संयुक्त राष्ट्र पहले ही जेयूडी को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है और सईद को दिसंबर 2008 में आतंकवादी घोषित किया गया था. उसके सिर पर एक करोड डॉलर का इनाम भी है पर वह पाकिस्तान में छुट्टा घूम रहा है और रैलियां कर नियमित रुप से भारत के खिलाफ भड़काऊ भाषण दे रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >