इराकः आईएसआईएस और अलकायदा अब एक होने की कगार पर है. अलकायदा ने आईएसआईएस का लड़ाई में साथ देने का फैसला किया है. इतना ही नहीं कई छोटे – छोटे गुट भी अब आईएसआईएस में शामिल हो रहे हैं.पिछले महीने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन तहरीक-ए-खिलाफत साउथ एशिया का पहला जेहादी संगठन बना जिसने अलकायदा से अपना नाता तोड़ा और इस्लामिक स्टेट के साथ जुड़ गया. जिससे इस्लामिक स्टेट और खतरनाक और ताकतवार होता जा रहा है.
अलकायदा के आईएसआईएस के नजदीक आने का सबसे बड़ा कारण अमेरिका है. अमेरिक जब से इराकी सरकार और आईएसआईएस के बीच में पड़ी में है इससे आतंकी संगठन को एकजुट होने का मौका मिल गया है. अलकायदा का नंबर वन दुश्मन अमेरिका है और कब से अपने आका की मौत का बदला लेने के लिए उतावली है. अमेरिका चुन- चुन कर आईएसआईएस के ठिकाने पर हमला कर रहा है.
इस्लामिक स्टेट ने इराक और सीरिया के एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है. हाल के दिनों में अमेरिका उसे अपने हवाई हमलों का निशाना बना रहा है. अमेरिकी अधिकारी ने आईएसआईएस की जीत पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अगर उनकी जीत कायम रही तो यह एक गंभीर समस्या बन जायेगी.
