काबुल: काबुल में चुनावी विवाद का हल निकालने की कोशिश करेंगे अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी, जॉन केरी आज काबुल में वार्ता करेंगे. उनका उद्देश्यअफगानिस्तान के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों पर यह दबाव डालना होगा कि वे विवादित चुनाव का हल निकालें और इस माह के अंत तक विजेता की घोषणा करें.
अफगानिस्तान में जून में हुए चुनावों में बडे स्तर पर धोखाधडी किए जाने के आरोपों ने देश को राजनीतिक संकट में डाल दिया है. संयुक्त राष्ट्र ने यह आशंका जताई है कि नतीजों से 1990 के दशक के गृहयुद्ध जैसा जातीय विभाजन दोबारा पैदा हो सकता है.
केरी ने पिछले माह ही काबुल की यात्र की थी. तब चुनावी प्रतिद्वंद्वी अशरफ घानी और अब्दुल्ला अब्दुल्ला अस्सी लाख मतपत्रों के ऑडिट और एक राष्ट्रीय एकता वाली सरकार के गठन के लिए विजेता तय करने को तैयार हो गए थे.लेकिन दोनों उम्मीदवारों के बीच असहमतियों के चलते यह समझौता जल्द ही धराशाई हो गया. अभी तक राष्ट्रपति पद की शपथ के लिए कोई तारीख तय नहीं हुई है, जिससे नाटो सैनिकों के अफगानिस्तान से निकलने के बाद अस्थिरता पैदा होने का खतरा और ज्यादा बढ गया है.
केरी आज अमेरिकी राजदूत से मिलेंगे और इसके बाद वह अफगानिस्तान के निवर्तमान राष्ट्रपति हामिद करजई से मुलाकात करेंगे. दोपहर में संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया जा सकता है.अब इंतजार इस बात का है कि नया अफगान राष्ट्रपति इस माह के अंत और 4..5 सितंबर को नाटो सम्मेलन से पहले पद संभाल ले. इस सम्मेलन में सदस्य देश युद्ध प्रभावित देश को भविष्य में आर्थिक और अन्य मदद दिए जाने पर फैसला करेंगे.केरी के साथ यात्र करने वाले एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, ‘‘हम चाहेंगे कि इस माह के अंत तक राष्ट्रपति पद का फैसला हो जाए.’’ एएफपी
