फ्लॉरिडा: अमेरिका की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में देश की दूसरी सबसे बड़ी सिगरेट कंपनी को आदेश दिया कि फेफड़ों के कैंसर से मारे गए व्यक्ति की पत्नी को 23.6 बिलियन डॉलर मुआवजा दे. इसके अलावा आरजे रेनॉल्ड्स टबैको नाम की इस कंपनी को 100 करोड़ रुपये नुकसान की भरपाई के तौर पर भी देने होंगे।
सिंथिया नाम की इस महिला के पति की 36 साल की उम्र में1996 मे मौत हो गई वे 20 वर्ष की उम्र से हर रोज लगभग 60 सिगरेट पी रहे थे. चार हफ्ते तक चले ट्रायल में सिंथिया के वकीलों ने दलील दी कि आरजे रेनॉल्ड्स ने कैलकुलेटेड रिस्क लेते हुए कन्जयूमर्स को स्मोकिंग के नुकसान की समुचित जानकारी दिए बिना सिगरेट बेची.मुझे उम्मीद है कि इस फैसले से आरजे रेनॉल्ड्स और दूसरी तंबाकू कंपनियों को एक संदेश जाएगा, ताकि वे निर्दोष लोगों की जिंदगी को ऐसे ही अधर में न छोड़ सकें।
सिगरेट कंपनी के अधिकारी ने अदालत के फैसले को पक्षपातपूर्ण बताया. कंपनी ने इस संबंध में बयान जारी किया है कि वह इस फैसले के खिलाफ हाइकोर्ट तक जायेंगे.सिगरेट द्वारा की गई इस तरह की अपील पहले भी कामयाब रही हैं. इससे पहले 2002 में 28 बिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया गया था, लेकिन हाइकोर्ट ने इसे घटाकर 28 मिलियन कर दिया था.
