17बीएचयू-7-बंद पड़ा लिफ्ट एरिगेशन रूम.भदानीनगर. पतरातू प्रखंड के पाली गांव के किसानों की खुशहाली के लिए स्थापित किये गया लिफ्ट एरिगेशन पिछले कई वर्षों से बंद है. सिंचाई योजना के तहत वर्ष 2004 में उक्त एरिगेशन को केजीवीके द्वारा पाली गांव में स्थापित किया गया था. उस वक्त गांव के किसान सैकड़ों एकड़ जमीन पर सिंचाई कर गोभी, आलू, टमाटर, गेहूं सहित महंगी बिकने वाली स्वीट कॉर्न, बेबी कॉर्न की खेती की जाती है. इससे यहां के कृषक काफी खुशहाल रहते थे. किसान महानंद सिंह, मनोज सिंह, नरेश बेदिया, प्रदीप बेदिया, वकील बेदिया, रामकृष्ण सिंह ने बताया कि उक्त एरिगेशन के इस्तेमाल में यही दिक्कत थी कि वह डीजल से संचालित होता था. यहां कृषकों के लिए एरिगेशन वरदान साबित होता था. लेकिन डीजल की कीमत में आये दिन वृद्धि होने से यह बोझ लगने लगा. इसके बाद इसका इस्तेमाल होना बंद हो गया. एरिगेशन सिस्टम बंद होने का सीधा असर किसानों पर पड़ा. जो कृषक पैदावार से खुश रहते थे, उनमें से अब कई लोग रोजगार के लिए हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों में पलायन कर गये. एरिगेशन को बिजली से चलाने की मांगगांव के मोतीनारायण सिंह, रोहन राम बेदिया, रामकृष्ण सिंह ने कहा है कि यदि एरिगेशन के लिए डीजल की जगह बिजली की व्यवस्था कर दी जाये, तो फिर से गांव में खुशहाली लौट आयेगी. ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक सह कृषि मंत्री योगेंद्र साव सहित प्रखंड अधिकारियों से नया ट्रांसफारमर व मोटर लगाने की मांग की है.
फोटो--कई वर्षों से बंद पड़ा है लिफ्ट एरिगेशन
17बीएचयू-7-बंद पड़ा लिफ्ट एरिगेशन रूम.भदानीनगर. पतरातू प्रखंड के पाली गांव के किसानों की खुशहाली के लिए स्थापित किये गया लिफ्ट एरिगेशन पिछले कई वर्षों से बंद है. सिंचाई योजना के तहत वर्ष 2004 में उक्त एरिगेशन को केजीवीके द्वारा पाली गांव में स्थापित किया गया था. उस वक्त गांव के किसान सैकड़ों एकड़ जमीन पर […]
