अमेरिका ने मोदी को सराहा

पड़ोसी मुल्कों से रिश्ते सुधारना एक सकारात्मक संकेतकोट:”जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में पाक के पीएम नवाज शरीफ और दक्षेस के दूसरे नेताओं को आमंत्रित किया तो उन्होंने उस क्षेत्र में भारत के रिश्ते को मजबूत करने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दिखायी. यह भारत और पूरे क्षेत्र के लिए अच्छी खबर […]

पड़ोसी मुल्कों से रिश्ते सुधारना एक सकारात्मक संकेतकोट:”जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में पाक के पीएम नवाज शरीफ और दक्षेस के दूसरे नेताओं को आमंत्रित किया तो उन्होंने उस क्षेत्र में भारत के रिश्ते को मजबूत करने को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दिखायी. यह भारत और पूरे क्षेत्र के लिए अच्छी खबर है तथा इससे वैश्विक स्थिरता को काफी फायदा होगा. भारत के पास इस पूरे क्षेत्र को साथ लेकर चलने तथा व्यापार एवं संपर्क को बढ़ावा देकर समृद्धि एवं शांति बढ़ाने का एक मौका है. निशा देसाई बिस्वाल, दक्षिण एवं मध्य एशिया मामलों की सहायक विदेश मंत्री, अमेरिका ”मोदी ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान एवं दूसरे पड़ोसी देशों के नेताओं को आमंत्रित करने के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े कदमों की शुरुआत की. अब तक इस संदर्भ में उन्होंने सकारात्मक कदम उठाये हैं.विक्रम सिंह, ओबामा प्रशासन में पूर्व अधिकारी ”मोदी ने नवाज शरीफ को अपने शपथ ग्रहण में आमंत्रित कर इसलामाबाद के साथ संबंधों में सकारात्मक लय लाने में अपनी दिलचस्पी दिखायी है.लीजा कर्टिस, हेरीटेज फाउंडेशन एजेंसियां, वाशिंगटन अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों, विशेषज्ञों एवं सांसदों ने दक्षेस देशों के साथ रिश्तों में सुधार के लिए उठाये गये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कदमों की तारीफ की. कहा कि मोदी ने पाकिस्तान सहित अपने पड़ोसियों के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में ठोस प्रतिबद्धता दिखायी है. बिस्वाल ने कहा कि ‘भारत का व्यापार यूरोप, अमेरिका और पश्चिम एशिया के साथ अपने दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के मुकाबले कहीं ज्यादा है. भारत अपने, दक्षिण एशिया एवं शेष एशिया के बीच संपर्क के नेटवर्क को आकार देकर व्यापार संबंधी इस समस्या का समाधान कर सकता है. कहा, ‘अमेरिका दक्षेस के साथ रिश्तों को मजबूत करने के लिए किये जा रहे भारत की नयी सरकार के प्रयासों का स्वागत करता है. हम यह देख कर खुश हैं कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर बांग्लादेश गयीं.’ भारत में अमेरिका के पूर्व राजदूत फ्रैंक जी विस्नर ने सीनेट की उप समिति के सामने कहा, ”वह (मोदी) और उनके सहयोगी अमेरिका की मध्यस्थता और प्रत्यक्ष संलिप्तता नहीं चाहते. भारतीयों का मानना है कि वे पाकिस्तान के साथ आगे बढ़ने का रास्ता खुद तलाश सकते हैं. अमेरिका के शामिल होने से दोनों सरकारों की अपने मतभेदों को दूर करने करने की क्षमता और जटिल हो जायेगी.’ सुनवाई के दौरान सीनेटर जॉन मैक्केन सहित अमेरिकी सांसदों ने भारत सरकार के दक्षेस से जुड़े कदमों की तारीफ की.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >