45 साल से किराये के मकान में चल रहा है डाकघर

फोटो : 1 उपडाक घर भवन इटखोरी. उप डाकघर पिछले 45 साल से किराये के मकान में चल रहा है, जबकि डाकघर के पास जमीन उपलब्ध है. जिस भवन में डाकघर संचालित है, वह जर्जर हो गया है. मामूली बरसात में भी दीवार से पानी टपकने लगता है. यहां ग्राहकों के बैठने तथा पेयजल व […]

फोटो : 1 उपडाक घर भवन इटखोरी. उप डाकघर पिछले 45 साल से किराये के मकान में चल रहा है, जबकि डाकघर के पास जमीन उपलब्ध है. जिस भवन में डाकघर संचालित है, वह जर्जर हो गया है. मामूली बरसात में भी दीवार से पानी टपकने लगता है. यहां ग्राहकों के बैठने तथा पेयजल व शौचालय की भी व्यवस्था नहीं है. भारत सरकार ने इसे अपग्रेड कर एलएसजी की श्रेणी में रखा है. बावजूद ग्राहकों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है. उप डाकपाल लाल मोहन सिंह ने बताया कि एमटीएस (बहुदेशीय) कर्मी का पद समाप्त किये जाने से काफी परेशानी हो रही है. पदाधिकारी व कर्मियों की कमी है. एक सहायक तथा एक डाकिया का पद रिक्त है. डाक सहायक (ग्रुप डी) का पद रिक्त है. उप डाकघर के अधीन 20 शाखा डाकघर है. कुल छह हजार खाताधारी हंै. वृद्धा पेंशन व मनरेगा की राशि का भुगतान भी डाक घरों से ही होता है. हजारीबाग सर्किल के सहायक डाक अधीक्षक नागेश्वर प्रसाद ने कहा कि भवन से संबंधित निर्णय रांची के मुख्य डाक महा अध्यक्ष लेते हैं. पूर्व में कई बार पत्र लिखा गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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