नया करने की चाहत ने इमारत में ही बना डाला सबसे ऊंचा झरना

दुनिया में सबसे आगे और अलग दिखने की चाह सभी को होती है. इस मामले में चीन के इंजीनियरों में कुछ ज्यादा ही जल्दबाजी है. लिहाजा जिस चीज की कल्पना दुनिया अभी कर ही रही होती है, वे उसे मूर्त रूप दे चुके होते हैं. कुछ ऐसा ही किया है चीन की गुइझोउ लुडिया प्रोपर्टी […]

दुनिया में सबसे आगे और अलग दिखने की चाह सभी को होती है. इस मामले में चीन के इंजीनियरों में कुछ ज्यादा ही जल्दबाजी है. लिहाजा जिस चीज की कल्पना दुनिया अभी कर ही रही होती है, वे उसे मूर्त रूप दे चुके होते हैं. कुछ ऐसा ही किया है चीन की गुइझोउ लुडिया प्रोपर्टी मैनेजमेंट कंपनी ने. कंपनी ने अपनी एक गगनचुंबी इमारत में ही झरना बना दिया है.
396 फीट ऊंची बिल्डिंग पर दुनिया का सबसे ऊंचा 350 फीट का मानवनिर्मित झरना लोगों की आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. खास बात यह है कि इमारत के बाहर की तरफ जहां लोग इस सबसे ऊंचे झरने का लुत्फ ले सकेंगे, वहीं इसके अंदर मॉल, होटल और ऑफिस बनाये गये हैं. इस इमारत का नाम द लियेबिअन बिल्डिंग है.
बनने के बाद से ही यह लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. कुछ लोगों को यह बेहद आकर्षक लग रहा है, तो कुछ इसकी जमकर आलोचना भी कर रहे हैं.
लोगों की नजर में इमारत से झरना नहीं, पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, जिसकी कोई जरूरत नहीं है. झरने के लिए बारिश और जमीन के पानी का इस्तेमाल होता है, जिसे विशालकाय भूमिगत टैंक में जमा किया जाता है. पानी को रिसाइकल करने के बाद उतनी ऊंचाई पर चढ़ाने के लिए चार बड़े-बड़े मोटर का इस्तेमाल होता है.
ऐसा मानना है कि चारों मोटरों को चलाने में प्रति घंटे ऊर्जा की लागत 7,250 रुपये आती है. झरने में लगभग 10 पंप लगे हुए हैं, जो कि पानी को इमारत के ऊपर से नीचे फेंकते हैं. हालांकि, यह बिल्डिंग अब शहर का प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट बन गयी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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