न्यूयॉर्क:अमेरिका में भारतीय मूल के अभियोजक प्रीत भराड़ा ने हार्वर्ड लॉ स्कूल में चर्चा के दौरान भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े प्रकरण का जिक्र करते हुए छात्रों से कहा कि इस पूरे मामले पर उनकी तीखी आलोचना हुई और उन्हें आरोपों का सामना करना पड़ा, जिससे वह काफी परेशान थे. मेनहैट्टन में अमेरिका के शीर्ष एटॉर्नी ने कहा कि उन्हें अपने काम के लिए चौतरफा आलोचना का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा कि यहां तक कि रूस में उन पर पाबंदी लगा दी गयी.
देवयानी मामले को उठाते हुए भराड़ा ने कहा कि भारतीय राजनयिक के खिलाफ मुकदमे की शुरुआत करने और अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से मामले की जांच करने को लेकर उन पर सबसे ज्यादा हमले हुए. देवयानी न्यू यॉर्क में उप महावाणिज्य दूत थीं. उन्होंने कहा, ‘आपने पिछले साल के उस मामले के बारे में सुना होगा कि विदेश विभाग ने मध्य स्तर की एक भारतीय महिला राजनयिक देवयानी खोबरागड़े को वीजा जालसाजी के संदर्भ में गिरफ्तार किया था.’ भराड़ा ने कहा, ‘यह कोई सदी का अपराध नहीं था, हालांकि एक गंभीर अपराध था.
इसलिए विदेश विभाग ने इस मामले को खोला और इसकी जांच की.’ कहा, देवयानी की गिरफ्तारी तय होने के कुछ दिनों पहले ही उन्हें निजी तौर पर जानकारी मिली थी कि भारतीय राजनयिक को गिरफ्तार किया जायेगा. उन्होंने कहा, ‘इस तरह की आलोचना मूखर्तापूर्ण हैं. इससे मेरे माता-पिता को चिंता हुई और मुङो भी काफी परेशानी हुई.’ भराड़ा ने यह कहा भी कि उन्हें अपने खिलाफ लगे आरोपों को लेकर अपनी बेटी के समक्ष स्पष्टीकरण देना पड़ा.
