वाशिंगटन : अमेरिका में भारतीय मुसलमानों के एक संगठन ने असम में हाल ही में हुई हिंसा की निंदा करते हुए तनाव ग्रस्त इलाके में अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग की है. इस हिंसा में कम से कम 32 लोग मारे गए हैं.
‘इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल’ (आईएएमसी) ने दावा किया है कि असम के सांप्रदायिक रुप से संवेदनशील दो जिलों में एनडीएफबी :एस: उग्रवादियों द्वारा की गयी हिंसा सीधे आम चुनावों से जुडी है जिसमें हिंसा भडकाने और सांप्रदायिक एजेंडे को आगे बढाने के लिए असम के मुसलमानों को ‘अवैध अप्रवासी’ कहते हुए विभाजनकारी और नफरत फैलाने वाले बयान दिए गए.
आईएएमसी के अध्यक्ष अहसन खान ने कहा, ‘‘असम के मुसलमानों के साथ जो हुआ वह हिन्दुत्व अधिपत्यवादियों की आम विभाजनकारी राजनीति की कडवी फसल है.’’ उन्होंने कल एक बयान में कहा, ‘‘यह हिंसा, भय और सामूहिक विस्थापन के माध्यम से असम की चुनावी जनसांख्यिकी बदलने का एक क्रूर प्रयास है.’’
संगठन ने जातीय संघर्ष को खत्म करने की दिशा में एक जरुरी उपाय के तौर पर बोडो इलाकों से सभी हथियार और अवैध गोला बारुद जब्त करने की मांग की. साथ ही संगठन ने घटनाओं की तत्काल उच्चतम न्यायालय के एक न्यायाधीश द्वारा जांच कराने और हिंसा में शामिल होने के आरोपी पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग की.
