लंदन : लडकियों की शिक्षा की पैरोकारी करने वाली पाकिस्तानी कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई ने नाइजीरिया के चरमपंथी संगठन बोको हराम को ‘इस्लाम के बारे में सीखने’ की नसीहत देते हुए कहा है कि चरमपंथी 200 से अधिक स्कूली लडकियों का अपहरण करके मजहब के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. तालिबान के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाली 16 साल की मलाला ने सीएनएन से कहा, ‘‘मेरा मानना है कि उन्होंने इस्लाम की तालीम नहीं ली है. उन्होंने कुरान नहीं पढा है. उन्हें जाकर इस्लाम के बारे में सीखना चाहिए.’’
बोको हराम द्वारा अपहृत लडकियों को गुलामी के लिए बेच देने की आशंका का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मैं मानती हूं कि उन्हें इन लडकियों को अपनी बहन समझना चाहिए. कोई अपनी बहन को कैसे कैद कर सकता है और उसके साथ ऐसा बुरा सुलूक कर सकता है?’’ मलाला ने कहा, ‘‘हकीकत यह है कि वे लोग इस्लाम के नाम का बेजा इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि वे इस बात को भूल चुके हैं कि इस्लाम का मतलब ‘अमन’ होता है.’’ उन्होंने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि दुनिया को अपहरण की इस घटना पर शांत नहीं बैठना चाहिए.
