पाक सेना चाहती है कि भारत के साथ वार्ता हो मगर अन्य विकल्प भी खुले रहें

वाशिंगटन : एक नयी पुस्तक के अनुसार, पाकिस्तानी सेना का एक बड़ा हिस्सा रणनीति में बदलाव के तहत चाहता है कि भारत के साथ वार्ता की जाये लेकिन उप पारंपरिक युद्ध समेत अन्य विकल्प भी खुले रखे जायें. नयी पुस्तक डेमोक्रे सी मिलिटरी पॉलिटिक्स इन पाकिस्तान के लेखक अकील शाह ने लिखा , जैसा कि […]

वाशिंगटन : एक नयी पुस्तक के अनुसार, पाकिस्तानी सेना का एक बड़ा हिस्सा रणनीति में बदलाव के तहत चाहता है कि भारत के साथ वार्ता की जाये लेकिन उप पारंपरिक युद्ध समेत अन्य विकल्प भी खुले रखे जायें.

नयी पुस्तक डेमोक्रे सी मिलिटरी पॉलिटिक्स इन पाकिस्तान के लेखक अकील शाह ने लिखा , जैसा कि एक मेजर जनरल ने कहा, हमें भारत के साथ वार्ता को एक मौका देना चाहिए लेकिन उससे निपटने के लिए उप परंपरागत युद्ध समेत सभी विकल्प बरकरार रखने चाहिए.

हालांकि शाह ने यह नहीं बताया कि उन्होंने किस मेजर जनरल का साक्षात्कार लिया. इस पुस्तक को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने प्रकाशित किया है. अमेरिका में सप्ताहांत में जारी यह पुस्तक भारत के संबंध में पाकिस्तान के सैन्य व्यवहार का पहला विस्तृत एवं ऐतिहासिक अध्ययन है.

प्रतिष्ठित पिं्रसटन यूनिवर्सिटी के राजनीति विभाग में लेक्चरर शाह ने लिखा कि भारत के साथ बातचीत का समर्थन करने को लेकर पाकिस्तानी सेना के रख में आया यह बदलाव सुनियोजित है ताकि उसे अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए समय मिल सके.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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