कुआलालंपुर : मलेशिया के लापता विमान के रहस्यमयी तरीके से गायब होने के मामले में जारी शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, हवाई यातायात नियंत्रक 17 मिनट तक इस बात पर ही ध्यान नहीं दे पाए कि विमान रडार से गायब हो गया है और उन्होंने करीब चार घंटों तक बचाव अभियान शुरु नहीं किया था.
मलेशियाई एयरलाइंस बोइंग 777-200 के लापता होने के करीब दो महीने बाद सार्वजनिक की गई मलेशियाई परिवहन मंत्रालय की बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट में इन दो जानकारियों का खुलासा किया गया. नौ अप्रैल की इस रिपोर्ट में कहा गया, कुआलालंपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना होने के एक महीने से अधिक समय बाद भी विमान का अब तक पता नहीं चला है. इस रिपोर्ट को इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक उड्डयन संस्था अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आइसीएओ) के पास भेजा गया. आठ मार्च को स्थानीय समयानुसार देर रात एक बजकर 21 मिनट पर पांच भारतीयों सहित 239 यात्रियों को लेकर बीजिंग जा रहा विमान रडार से गायब हो गया था.
इसके 17 मिनट बाद एक बजकर 38 मिनट पर वियतनाम के हो ची मिन्ह में हवाई यातायात नियंत्रक ने अपने मलेशियाई समकक्ष से पूछा कि विमान कहां गायब हो गया. अधिकारियों द्वारा विमान के लापता होने पर गौर करने के करीब चार घंटे के अंतराल के बाद उन्होंने आधिकारिक बचाव अभियान शुरु किया. विमान का पता नहीं चलने के बाद कुआलालंपुर बचाव समन्वय केंद्र सुबह साढ़े पांच बजे सक्रिय हुआ.
रिपोर्ट में इस बारे में नहीं बताया गया कि चार घंटों के दौरान क्या किया गया. इसमें बस इतना कहा गया कि कुआलालंपुर ने सिंगापुर, हांगकांग और कंबोडिया से संपर्क किया. रिपोर्ट में सिफारिश की गई कि आइसीएओ वाणिज्यिक विमानों की वास्तविक स्थिति को लेकर एक तंत्र शुरु करने पर विचार करे. परिवहन मंत्रालय ने कहा, बीते पांच वर्षों में अब ऐसे दो मौके आ चुके हैं जब बडे वाणिज्यिक वायु यातायात विमान लापता हुए और उनकी अंतिम स्थिति का पता नहीं चला है.
