रखें दिल का ख्याल : हमारा दिल स्वस्थ, तो जिंदगी स्वस्थ

डॉ नरेश त्रेहन हृदय और कार्डियोथोरेसिक सर्जन आज का जो दौर है, वह तमाम तरह की बीमारियों के लिए बहुत मुफीद है. बड़ी आसानी से हम किसी भी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं. इसलिए शरीर के तमाम अंगों के मुकाबले हमें दिल का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि दिल की धड़कन […]

By Prabhat Khabar Print Desk | September 29, 2019 2:35 AM
डॉ नरेश त्रेहन
हृदय और कार्डियोथोरेसिक सर्जन
आज का जो दौर है, वह तमाम तरह की बीमारियों के लिए बहुत मुफीद है. बड़ी आसानी से हम किसी भी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं. इसलिए शरीर के तमाम अंगों के मुकाबले हमें दिल का ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि दिल की धड़कन रुकी, तो जिंदगी रुक जायेगी. अगर आप आंकड़े देखें, तो बड़ी संख्या में लोगों की मौत दिल से संबंधित बीमारियों के चलते हो रही है. दिल को स्वस्थ रखना जिंदगी को स्वस्थ रखना है. दिल को दुरुस्त रखने के लिए कुछ बातें बेहद अहम हैं, जिनका खयाल रखकर हर व्यक्ति अपने दिल को स्वस्थ रख सकता है.
अपने जींस की पहचान करें
मेडिकल साइंस के हिसाब से सबसे पहले आपको जांच के जरिये अपने जींस की पहचान करनी होगी. क्योंकि अगर मां-बाप को दिल की बीमारी रही है, तो बच्चे में दिल की बीमारी होने की संभावना दोगुनी हो जाती है.हर व्यक्ति को बीस-पच्चीस साल की उम्र से ही अपने दिल की नियमित जांच कराते रहना चाहिए कि उसके दिल के संबंध में कोई रिस्क फैक्टर है या नहीं. अगर रिस्क फैक्टर का पता चल जाये, तो जीवनचर्या में बदलाव करके और कुछ जरूरी मेडिकेशन के जरिये हार्ट अटैक के बड़े खतरे से बचा जा सकता है.
यहां एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस व्यक्ति को डायबिटीज हो, तो उसके बच्चों को भी डायबिटीज होने की संभावना दोगुनी रहती है. अक्सर डायबिटीज और हृदय संबंधी बीमारियां इकट्ठे होती हैं. इसलिए जांच कराकर अपने परिवार के इतिहास से इन बीमारियों के बारे में पता लगाकर सावधानियां बरतें और इलाज करायें. मेडिकल साइंस में इतना साधन है कि इस स्थिति में रोगी को बचाया सकता है.
एक्सरसाइज और खान-पान
दिल संबंधी बीमारियों को लेकर सामान्य जागरूकता बहुत जरूरी है. किसी व्यक्ति-विशेष को ही नहीं, बल्कि जन साधारण को अपने खान-पान को लेकर सजग होना चाहिए. आज के दौर में परफेक्ट डाइट बहुत जरूरी है. हम जिस तरह का तला-भूना आजकल खा रहे हैं, वह परफेक्ट डाइट की अवधारणा को दूषित कर रहा है. हमें इससे बचना चाहिए और फल-सब्जियों का ज्यादा सेवन करना चाहिए. दूसरी बात यह है कि अाज-कल डाइट और एक्सरसाइज में भी असंतुलन देखने को मिल रहा है.
एक्सरसाइज तो अब बस जिम तक सिमट कर रह गया है. पैदल चलना, साइकिल चलाना, शारीरिक कार्य करना अब बहुत कम हो गया है, इसलिए दिल संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं. हमें रोज सुबह चालीस मिनट तक तेज-तेज टहलना चाहिए. इससे कार्डियोवैस्कुलर सर्कुलेशन सही रहता है और दिल दुरुस्त रहता है. अगर आपके परिवार में किसी को डायबिटीज और हार्ट डिजीज न भी हो, तो भी तीस साल की उम्र पूरी होते ही अपने शरीर की जांच (जिसे कॉम्प्रीहेंसिव हेल्थ चेकअप कहते हैं) करा लेनी चाहिए, जिसमें आपके लीवर, किडनी, हार्ट और दूसरे सभी जरूरी अंगों की स्थिति का पता चल जाता है.
प्राणायाम से रखें दिल का खयाल
आजकल हमारे दैनिक जीवन में तनाव बहुत बड़ी जगह बना रहा है. तनाव को रोजाना कुछ न कुछ कम करने का उपाय होना ही चाहिए, नहीं तो आपका खान-पान और एक्सरसाइज सही रहते हुए भी काम नहीं कर पायेंगे. तनाव कम करने के लिए सिर्फ एक ही योग काफी है, और वह है प्राणायाम. रोज कुछ मिनट का प्राणायाम करें और तनाव को दूर रखें. तनाव सिर्फ दिल की बीमारी के लिए ही खतरनाक नहीं है, बल्कि यह हर छोटी-बड़ी बीमारी को बढ़ाने का काम करता है. तनाव दूर करने के लिए एंटरटेनमेंट अच्छा उपाय है. फिल्में देखें, म्यूजिक सुनें, परिवार को लेकर कहीं घूमने जायें, ये बातें बहुत छोटी हैं, लेकिन तनाव दूर करने के बेहतरीन उपाय हैं.
समाज की जिम्मेदारी
आज हमारे देश में प्रदूषण एक बड़ा मुद्दा बन गया है. इससे कई गंभीर बीमारियां लोगों को गिरफ्त में ले रही हैं. दिल की बीमारी का एक जिम्मेदार प्रदूषण भी है. प्रदूषण की समस्या सिर्फ सरकार के स्तर पर ठीक नहीं हो सकती, बल्कि इसके लिए समाज को भी जिम्मेदारी लेनी होगी कि वह प्रदूषण होने ही न दे. प्रदूषण कम करने के लिए सरकार नीतियां बनाये और समाज उसका पालन करे, तभी इससे मुक्ति मिल सकती है. इसके अलावा तंबाकू अपने हर रूप में हृदय को प्रभावित करती है, चाहे वह सिगरेट हो, खैनी हो या कोई और उत्पाद हो. सरकार को चाहिए कि तंबाकू उत्पादों की कीमत इतनी बढ़ा दे कि लोग खरीदने में संकोच करें.
न आने दें मोटापा
मोटापा की वजह से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. मोटापा आयेगा, तो हृदय संबंधी बीमारियों को साथ लेकर आयेगा. इससे डायबिटीज और कैंसर तक के खतरे भी बढ़ सकते हैं. इसलिए, हमारे पास जब भी हृदय रोगी आते हैं, तो हम उनसे पहले यही कहते हैं कि वे अपना मोटापा कम करें. इसके लिए मैंने पहले ही बताया है कि रोजाना चालीस मिनट तेज-तेज टहलें, कुछ एक्सरसाइज करें और नियमित प्राणायाम करें.
दिल को स्वस्थ रखना सबसे ज्यादा जरूरी है, क्योंकि इसी से ही जिंदगी चलती है. दिल की धड़कनें बंद, तो जिंदगी खत्म. इसलिए दिल का हर संभव खयाल रखें, नियमित चेकअप करायें और आसपास के लोगों में भी इसको लेकर जागरूकता फैलाएं, ताकि पूरा देश हृदय संबंधी बीमारियों से मुक्त हो सके.
(वसीम अकरम से बातचीत पर आधारित)

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