Visa Rejection: अमेरिकी H1B वीजा नियमों में हालिया बदलाव ने भारतीय पेशेवरों और यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है. वीजा रिजेक्शन का असर केवल नौकरी की तलाश करने वाले आईटी पेशेवरों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि छुट्टियों के लिए विदेश जाने वाले आम भारतीय यात्रियों पर भी पड़ रहा है. खासकर यूरोप के शेंगेन देशों में, जहां ट्रैवल इंश्योरेंस अनिवार्य है, अंतिम समय पर वीजा अस्वीकृति से यात्रा योजनाएं बिगड़ जाती हैं और यात्रियों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है.
सामान्य ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी आमतौर पर वीजा रिजेक्शन से हुए नुकसान को कवर नहीं करती. ऐसी परिस्थितियों में यात्रियों को वीजा फीस और नॉन-रिफंडेबल बुकिंग पर हुए खर्च की भरपाई खुद करनी पड़ती है. हालांकि अब कई बीमा कंपनियां नई योजनाएं पेश कर रही हैं, जिनमें राइडर (ऐड-ऑन कवर) के जरिए वीजा रिजेक्शन से होने वाले नुकसान की भरपाई संभव हो गई है. इसके तहत यात्रियों को फ्लाइट कैंसिलेशन और होटल बुकिंग पर हुए खर्च की वापसी मिल सकती है.
बीमा कंपनियों की नई पहल
बीमा कंपनियां इस बदलाव को लेकर सक्रिय हो रही हैं. TATA AIG जनरल इंश्योरेंस के उपाध्यक्ष चंद्रकांत सैद के अनुसार, पारंपरिक पॉलिसियों में वीजा रिजेक्शन कवर नहीं होता, लेकिन प्रीमियम योजनाओं में यह सुविधा मिल सकती है. कंपनी भी जल्द ही वीजा रिजेक्शन राइडर लॉन्च करने की योजना बना रही है. Digit Insurance के सीएमओ विवेक चतुर्वेदी का कहना है कि बीमा पॉलिसी केवल उन्हीं कारणों पर ट्रिप कैंसिलेशन का दावा स्वीकार करती है, जो पॉलिसी दस्तावेज में पहले से उल्लेखित हों, जैसे—बीमारी, प्राकृतिक आपदा, पासपोर्ट चोरी, दंगे या सरकार द्वारा जारी ट्रैवल बैन. वीजा या इमिग्रेशन से जुड़े मुद्दे आमतौर पर इसमें शामिल नहीं होते.
यूरोप यात्रियों में बढ़ रही है मांग
विशेषज्ञों का मानना है कि यह नया राइडर फिलहाल यूरोप जाने वाले यात्रियों में अधिक लोकप्रिय हो रहा है क्योंकि शेंगेन वीजा के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस अनिवार्य है. पॉलिसीबाज़ार डॉट कॉम के अनुसार, इस राइडर का प्रीमियम करीब ₹2,654 से ₹4,091 तक हो सकता है, जिसमें $2,50,000 तक का कवर मिलता है. यह राइडर वीजा फीस (लगभग ₹15,000 तक) और नॉन-रिफंडेबल फ्लाइट व होटल बुकिंग खर्च को भी कवर कर सकता है.
हालांकि, इसके साथ कुछ शर्तें और सीमाएं भी जुड़ी हुई हैं. यदि वीजा रिजेक्शन आपकी गलती से हुआ है, जैसे जरूरी दस्तावेज (ITR, बैंक स्टेटमेंट आदि) जमा न करना, तो दावा अस्वीकृत कर दिया जाएगा. यानी पॉलिसी केवल उन्हीं मामलों में लागू होगी, जहां रिजेक्शन यात्री की गलती के कारण न हुआ हो.
उन यात्रियों के लिए, जो अधिक सुरक्षा चाहते हैं, बीमा कंपनियां Cancel For Any Reason (CFAR) प्लान भी देती हैं. इस सुविधा के तहत किसी भी कारण से यात्रा रद्द करने की स्थिति में क्लेम मिल सकता है. हालांकि यह शर्त रहती है कि यात्रा रद्द करने का फैसला प्रस्थान से कम से कम 24 घंटे पहले लिया जाए. यह प्लान महंगा होता है, लेकिन इसमें “नो क्वेश्चन आस्क्ड” रिफंड मिलता है. अगर किसी विदेशी सरकार ने अचानक वीजा नीति बदल दी और आपको यात्रा रद्द करनी पड़ी, तो भी क्लेम पास हो सकता है.
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