विश्व योग दिवस: जानिए मुंगेर में स्थित ‘बिहार स्कूल ऑफ योगा’ की खासियत

मुंगेर जिला में स्थापित बिहार स्कूल ऑफ योगा दुनिया का पहला योग विद्यालय है. योग को आगे बढ़ाने में बिहार स्कूल ऑफ योगा का योगदान काफी अहम है. इसकी स्थापना साल 1964 में स्वामी सत्यानंद ने गंगा नदी के मनोरम तट पर की थी. उनका सपना जन-जन तक योग को पहुंचाना था और आज बिहार स्कूल ऑफ योगा को दुनिया का पहला योग विद्यालय माना जाता है. जिससे दुनियाभर के लोग जुड़े हैं. दुनियाभर के 70 देशों में बिहार स्कूल ऑफ योगा की शाखा है.

मुंगेर जिला में स्थापित बिहार स्कूल ऑफ योगा दुनिया का पहला योग विद्यालय है. योग को आगे बढ़ाने में बिहार स्कूल ऑफ योगा का योगदान काफी अहम है. इसकी स्थापना साल 1964 में स्वामी सत्यानंद ने गंगा नदी के मनोरम तट पर की थी. उनका सपना जन-जन तक योग को पहुंचाना था और आज बिहार स्कूल ऑफ योगा को दुनिया का पहला योग विद्यालय माना जाता है. जिससे दुनियाभर के लोग जुड़े हैं. दुनियाभर के 70 देशों में बिहार स्कूल ऑफ योगा की शाखा है.

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By Abhishek Kumar

Abhishek Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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