तुर्की ने राष्ट्रव्यापी छापों में आईएस के 440 संदिग्ध हिरासत में लिये

इस्तांबुल : तुर्की की आतंकवाद विरोधी पुलिस ने देश भर में छापेमारी में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के 440 संदिग्ध सदस्यों को हिरासत में लिया. सरकारी एजेंसी ने आज ये जानकारी दी. अनाडोलू एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि राजधानी अंकारा में अलसुबह 60 आईएस संदिग्धों को हिरासत में लिया इनमें से बड़ी संख्या […]

इस्तांबुल : तुर्की की आतंकवाद विरोधी पुलिस ने देश भर में छापेमारी में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के 440 संदिग्ध सदस्यों को हिरासत में लिया. सरकारी एजेंसी ने आज ये जानकारी दी. अनाडोलू एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि राजधानी अंकारा में अलसुबह 60 आईएस संदिग्धों को हिरासत में लिया इनमें से बड़ी संख्या में विदेशी भी शामिल हैं.

एजेंसी के अनुसार तड़के इस्तांबुल और सीरियाई सीमा के पास गाजीएंटेप समेत कई शहरों में की गयी पुलिस कार्रवाई में कुल 445 लोगों को हिरासत में लिया गया. सबसे बड़ा अभियान दक्षिणपूर्व प्रांत सानलीउर्फा में चलाया गया जहां पुलिस ने 100 से ज्यादा संदिग्धों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया और उनके पास से इस्लामिक स्टेट आतंकवादियों से जुडी सामग्री भी बरामद की.

आम तौर पर शांत रहने वाले इजमिर से नौ लोगों को सीरिया आने जाने के संदेह और शहर में हमले की योजना बनाने की साजिश रचने के आरोप में हिरासत में लिया गया.

अनादोलू ने इन छापों के दौरान हिरासत में लिए गए विदेशियों की राष्ट्रीयता के बारे में तो नहीं बताया लेकिन इस्तांबुल और पश्चिमोत्तर कोसाएली में हिरासत में लिए गए लोगों में 10 नाबालिग भी हैं. पिछले साल तख्तापलट की नाकाम कोशिश के साथ आईएस और कुर्दिश आतंकवादियों के दर्जनों हिंसक हमलों का सामना करने वाले तुर्की ने आतंकवाद विरोधी प्रयासों को और तेज कर दिया है.

इस्लामिक स्टेट ने नये साल की पूर्व संध्या पर इस्तांबुल के नाइट क्लब में हुए हमले की जिम्मेदारी ली थी. इस हमले में 39 लोगों की मौत हो गयी थी. उसका दावा था कि तुर्की में उसकी कई टुकडि़यां हैं. तुर्की नाटो गठबंधन और आईएस के खिलाफ अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन का सदस्य है. तुर्की की सीमाएं सीरिया और इराक से लगती हैं. दोनों ही देशों में आईएस से सेनाओं को सशस्त्र संघर्ष चल रहा है.

तुर्की की सेनाएं अगस्त से ही सीरिया में तैनात हैं. इनका मकसद सीरिया से लगने वाले अपने सीमावर्ती इलाके के पास से आईएस आतंकियों को खदेड़ना है. सीरियाई कुर्द लड़ाकों के खिलाफ भी तुर्की ने मोर्चा खोल रखा है क्योंकि अंकारा को लगता है कि उसके यहां हो रहे कुर्द उग्रवाद के लिए भी वही जिम्मेदार हैं. संडे की रिपोर्ट के मुताबिक हिरासत में लिये गये कुछ लोग हिंसाग्रस्त इलाकों में सक्रिय थे. ये लोग आईएस के लिए भर्ती के प्रयास और सोशल मीडिया में उसके प्रचार में भी संलिप्त थे.

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