ब्रसेल्स : बेल्जियम की अपनी यात्रा संपन्न करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाशिंगटन पहुंच चुके हैं. यहां वह परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे.वाशिंगटनपहुंचने परअमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा ने पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत किया. प्रधानमंत्री की तीन देशों की यात्रा का यह दूसरा पडाव है.आपको बता दें कि चौथे परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन में 50 से ज्यादा देश हिस्सा ले रहे हैं. यह सम्मेलन दो दिनों तक चलेगा.
इस सम्मेलन में करीब 50 देशों के शीर्ष नेता परमाणु हथियारों और सामग्री के खतरे के आकलन और इस बारे में विचार साझा करेंगे. दो दिन के अपने अमेरिका प्रवास के दौरान मोदी यहां मेजबान राष्ट्रपति बराक ओबामा समेत कई विश्व नेताओं से मुलाकात करेंगे. समझा जाता है कि पहली बार परमाणु सुरक्षा सम्मेलन में भाग ले रहे मोदी यहां परमाणु हथियारों की सुरक्षा को लेकर अपना दृष्टिकोण साझा करेंगे.वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी की यह तीसरी अमेरिका यात्रा है. इससे पहले सितंबर 2014 में उन्होंने व्हाइट हाउस में ओबामा से मुलाकात की थी और करीब एक साल पहले उन्होंने न्यूयॉर्क और सिलिकॉन वैली की यात्रा की थी.
अमेरिकी विदेशमंत्री जॉन केरी ने कहा कि अमेरिका पैरिस क्लाइमेट अग्रीमेंट तक पहुंचने में भारत की मदद के लिए इसका विशेष आभारी है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. यह टेक्नॉलजी और ऊर्जा मामलों में अमेरिका का विश्वसनीय साथी है.2 अप्रैल को प्रधानमंत्री वाशिंगटन से सऊदी अरब के लिए रवाना होंगे. पीएम मोदी वहां शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज अल सऊद के मुलाकात करेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रवानगी की खबरविदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने ट्विटर पर दी. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘धन्यवाद ब्रसेल्स. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाशिंगटन डीसी के लिए उडान भरने के साथ कूटनीति का एक अहम दिन संपन्न.’ मोदी वाशिंगटन में आज और कल परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे तथा वहां से वह उर्जा एवं सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से दो दिन की यात्रा पर सउदी अरब जाएंगे. ब्रसेल्स में मोदी ने 13वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में भाग लिया और बेल्जियम के अपने समकक्ष चार्ल्स मिशेल से द्विपक्षीय वार्ता की.
