विराट कोहली को कितनी गंभीरता से लेनी चाहिए वनडे सीरीज की हार?

Getty Images हार तो चुभती ही है. हर किसी को. कप्तान को, खिलाड़ी को और उसके फैंस को भी. न्यूज़ीलैंड में मंगलवार को एक ऐसी ही हार का सामना भारतीय टीम को करना पड़ा. ये हार इसलिए और ज्यादा चुभ रही है क्योंकि न्यूज़ीलैंड ने […]

<figure> <img alt="हार के बाद कोहली" src="https://c.files.bbci.co.uk/12184/production/_110861147_6cd4ec72-a712-465b-a5b8-0da0f4034b8a.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>हार तो चुभती ही है. हर किसी को. कप्तान को, खिलाड़ी को और उसके फैंस को भी. न्यूज़ीलैंड में मंगलवार को एक ऐसी ही हार का सामना भारतीय टीम को करना पड़ा. ये हार इसलिए और ज्यादा चुभ रही है क्योंकि न्यूज़ीलैंड ने वनडे सीरीज में भारत को 3-0 से हरा दिया. टी-20 सीरीज में 5-0 की धमाकेदार जीत दर्ज करने के बाद टीम इंडिया को वनडे सीरीज में एक के बाद एक हार का सामना करना पड़ा. </p><p>न्यूजीलैंड ने पहला वनडे 4 विकेट से जीता. दूसरे वनडे में उसने 22 रन से और तीसरे वनडे में 5 विकेट से जीत दर्ज की. 21 तारीख से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज के पहले हार की हैट्रिक मायूस करने वाली है. इस तथ्य को जानने के बाद मायूसी और बढ़ जाती है कि भारतीय टीम की वनडे रैंकिंग न्यूज़ीलैंड के मुकाबले बेहतर है. लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या विराट कोहली वनडे सीरीज की हार को बहुत गंभीरता से लेंगे? क्या दस दिन बाद शुरू हो रही टेस्ट सीरीज से पहले विराट कोहली को अपनी रणनीतियों में बड़े बदलाव करने होंगे? </p><p>क्या हैं वो पहलू जिसके चलते इस वनडे सीरीज में टीम इंडिया जीत के लिए तरसती रही और क्या विराट कोहली के पास बतौर कप्तान इन बातों का कोई इलाज था? कहीं ऐसा तो नहीं कि विराट इन तीन मैचों की हार के कारणों को अच्छी तरह जानते और समझते हैं और इसलिए वो ‘पैनिक’ बटन नहीं दबाएंगे. उनके पैनिक बटन ना दबाने की कई वजहें हैं. जिनके आधार पर ये कहा जा सकता है कि न्यूज़ीलैंड में टीम इंडिया की वनडे सीरीज में हार में किस्मत की मार भी है. </p><h1>वो कमियां जो बतौर कप्तान विराट को खली होंगी</h1><figure> <img alt="विराट कोहली" src="https://c.files.bbci.co.uk/16FA4/production/_110861149_9b311f1f-eaab-461d-af4e-dae984926b2b.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>ये स्थिति किसी भी कप्तान के वश के बाहर की है. किसी ने नहीं सोचा था कि शिखर धवन और रोहित शर्मा दोनों ही चोट की वजह से टीम से बाहर हो जाएंगे. लेकिन हुआ ऐसा ही. शिखर का विकल्प विराट ने तैयार किया ही था कि रोहित शर्मा भी बाहर हो गए. विदेशी पिच पर दो बिल्कुल नए बल्लेबाजों के साथ मैदान में उतरना किसी भी टीम के लिए फायदे की बात नहीं हो सकती है. इसका असर भी देखने को मिला. तीनों मैच में सलामी बल्लेबाजों की जोड़ी टीम को अच्छी शुरुआत नहीं दिला पाई. पहले मैच में तो फिर भी सलामी जोड़ी ने पचास रन जोड़े. </p><p>दूसरे मैच में सलामी जोड़ी ने 21 रन की साझेदारी की और तीसरे मैच में ये जोड़ी दहाई तक भी नहीं पहुंची. इसका सीधा असर विराट कोहली की बल्लेबाजी पर पड़ा. पहले मैच में एक अर्धशतक को छोड़ दें तो बाकी दोनों मैच में सस्ते में पवेलियन लौटे. दूसरे मैच में उन्होंने 15 रन बनाए और तीसरे मैच में वो 9 रन के स्कोर पर पवेलियन लौट गए. </p><p>तीसरे मैच में विराट कोहली का आउट होना इसलिए खला क्योंकि जिस गेंद पर वो आउट हुए उस तरह की गेंद पर उनके कद के बल्लेबाज का आउट होना अच्छा नहीं लगता. ऑफ स्टंप से ठीक ठाक बाहर जा रही गेंद के साथ छेड़छाड़ उन्हें मंहगी पड़ी. गेंदबाजी में भी विराट का तुरूप का इक्का यानी जसप्रीत बुमराह भी इस सीरीज में अपने रोल पर खरे नहीं उतरे. इस सीरीज के तीन मैचों में बुमराह को एक भी विकेट नहीं मिला. उन्होंने किफायती गेंदबाजी तो की लेकिन विकेट दिलाने में नाकाम रहे. जो टीम इंडिया को भारी पड़ा. </p><h1>विराट को ‘पैनिक’ बटन दबाने की जरूरत क्यों नहीं</h1><figure> <img alt="जश्न मनाते न्यूज़ीलैंड के ख़िलाड़ी" src="https://c.files.bbci.co.uk/3B0C/production/_110861151_4c85b92c-bef5-463f-9f72-6a1a8d9e7c6a.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>भारतीय टीम सीरीज 3-0 से हारी जरूर है लेकिन सीरीज में सकारात्मक बातें भी हैं. टीम इंडिया का मिडिल ऑर्डर बहुत ठोस बनकर सामने आया है. श्रेयस अय्यर, केएल राहुल और मनीष पांडे की तिकड़ी ने इस सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया. तीनों ही मैच में खराब शुरुआत के बाद भी भारतीय टीम ने सम्मानजनक स्कोर बनाया. </p><p>पहले मैच में तो भारतीय टीम ने स्कोरबोर्ड पर 347 रन जोड़ दिए थे. जिसमें श्रेयस अय्यर के 103 और केएल राहुल के 88 रन शामिल हैं. दूसरे मैच में भी 57 रन तक भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाजों के साथ साथ विराट कोहली भी पवेलियन लौट चुके थे लेकिन टीम इंडिया ने ढाई सौ का आंकड़ा पार किया. तीसरे मैच में भी पहले तीन विकेट के सिर्फ 62 रनों पर पवेलियन लौटने के बाद भारतीय टीम ने स्कोरबोर्ड पर तीन सौ रनों के करीब का आंकड़ा जोड़ दिया. </p><p>जाहिर है इस प्रदर्शन से विराट कोहली अपने मिडिल ऑर्डर को लेकर निश्चिंत हुए होंगे. इस बात से इंकार करना टीम इंडिया के साथ ज्यादती होगी कि ये सीरीज उन चुनिंदा सीरीज में थी जहां टीम को अनुभवी खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में मैदान में उतरना पड़ा. ऐसा करना उसकी मजबूरी भी थी. अब बारी टेस्ट सीरीज की है. टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया का प्लेइंग 11 पहले से ‘सेट’ है. </p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.</strong><strong>)</strong></p>

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