मुस्लिम 150 में से कोई भी देश चुन सकते हैं: रूपाणी- पाँच बड़ी ख़बरें

Getty Images गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा है कि मुसलमान रहने के लिए दुनिया के 150 देशों में से किसी भी देश को चुन सकते हैं लेकिन हिंदुओं के लिए भारत के सिवा कोई देश नहीं है. विजय रूपाणी नागरिकता संशोधन क़ानून को सही ठहराने […]

<figure> <img alt="विजय रूपाणी" src="https://c.files.bbci.co.uk/18646/production/_110301999_gettyimages-1167726240.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा है कि मुसलमान रहने के लिए दुनिया के 150 देशों में से किसी भी देश को चुन सकते हैं लेकिन हिंदुओं के लिए भारत के सिवा कोई देश नहीं है. </p><p>विजय रूपाणी नागरिकता संशोधन क़ानून को सही ठहराने के लिए यह तर्क दे रहे थे. </p><p>साबरमती आश्रम में नागरिकता संशोधन क़ानून के समर्थन में एक रैली को संबोधित करते हुए रूपाणी ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी के वादे और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की इच्छा का भी सम्मान नहीं करना चाहती है. </p><p>रूपाणी ने कहा, ”बँटवारे के वक़्त पाकिस्तान में 22 फ़ीसदी हिंदू थे. आज की तारीख़ में अत्याचार और प्रताड़ना के कारण महज़ तीन फ़ीसदी हिंदू बचे हैं. इसीलिए हिंदू यहां वापस आना चाहते हैं. कांग्रेस ने जिस बात का कभी समर्थन किया था हम वही काम कर रहे हैं लेकिन आज कांग्रेस इसका विरोध कर रही है.”</p><p>हालांकि ये तथ्य सही नहीं है कि पाकिस्तान में हिंदू 22 फ़ीसदी से तीन फ़ीसदी हो गए हैं क्योंकि 22 फ़ीसदी का आँकड़ा तब का है जब पाकिस्तान से बांग्लादेश अलग नहीं हुआ था. </p><p>रूपाणी ने कहा, ”कुछ दशक पहले तक अफ़ग़ानिस्तान में दो लाख सिख और हिंदू थे और अब यह संख्या महज 500 रह गई है. मुसलमान तो दुनिया के 150 देशों में से कहीं भी जा सकते हैं लेकिन हिंदुओं के लिए भारत के अलावा कोई विकल्प नहीं है. ऐसे में बांग्लादेश, अफ़ग़ानिस्तान और पाकिस्तान के प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता क्यों नहीं देनी चाहिए?”</p><p>रूपाणी ने कहा, ”गांधीजी का भी मानना था कि पाकिस्तान के हिंदू और सिखों को भारत की नागरिकता मिलनी चाहिए. यहां तक कि मनमोहन सिंह ने भी इसका समर्थन किया था. कांग्रेस को बताना चाहिए कि वो अब क्यों विरोध कर रही है.”</p><p>रूपाणी ने कहा, ”इन देशों के गुजरात में 10 हज़ार शरणार्थी हैं. इनमें से ज़्यादातर कच्छ में रहते हैं और सभी दलित हैं. जो सीएए का विरोध कर रहे हैं उन दलित नेताओं का असली चेहरा सामने आ गया है. यह भारत का दुर्भाग्य है कि कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां यहां हैं और ममता बनर्जी जैसी नेता हैं.” </p><p>रूपाणी ने कहा कि जो मुसलमानों को उकसा रहे हैं वो अपना एजेंडा पूरा करने में लगे हैं. </p><figure> <img alt="अमरीका" src="https://c.files.bbci.co.uk/13826/production/_110301997_ffc44bab-d4b2-4fc0-baf2-c392f841e09a.jpg" height="549" width="976" /> <footer>AFP</footer> </figure><h3>अमरीका ने पाकिस्तान को किया ब्लैकलिस्ट</h3><p>पाकिस्तान ने धार्मिक स्वतंत्रता के मामले में ब्लैकलिस्ट किए जाने पर अमरीका की कड़ी आलोचना की है. पाकिस्तान ने कहा कि यह एकतरफ़ा और मनमानी पूर्ण कार्रवाई है. पाकिस्तान ने कहा कि जिस आधार पर पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट किया गया है वो ज़मीनी सच्चाई से बिल्कुल अलग है और इसकी प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है. </p><p>पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस मामले में भारत को जानबूझकर छोड़ दिया गया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत को इस लिस्ट से बाहर रखना दर्शाता है कि अमरीका ने इसमें कितना पक्षपाती रवैया अपनाया है. अमरीका ने पिछले हफ़्ते उन देशों की सूची जारी की थी जहां लोगों के साथ धर्म के आधार पर भेदभाव होता है. इस सूची में म्यांमार, चीन, ईरान, सऊदी अरब, उत्तर कोरिया और तजाकिस्तान जैसे देशों को इसमें शामिल किया गया है. </p><p>पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ”पाकिस्तान को जानबूझकर टारगेट किया गया है. पाकिस्तान बहुधार्मिक देश है. यहां कई मामलों में बहुलता है. सभी धर्मावलंबियों को यहां अपने धर्म का पालन करने के लिए संवैधानिक अधिकार मिला हुआ है. दूसरी तरफ़ भारत में अल्पसंख्यकों को लिंच किया जा रहा है. हाल ही में भारत में मुसलमान विरोधी एनआरसी और नागरिकता संशोधन क़ानून पास किए गए हैं. इन क़ानूनों का मक़सद मुसलमानों को अलग-थलग करना है. भारत धर्म के आधार पर मुसलमानों के साथ खुलकर भेदभाव कर रहा है लेकिन उसे इस लिस्ट में नहीं रखा गया है.”</p><figure> <img alt="उत्तर प्रदेश" src="https://c.files.bbci.co.uk/2724/production/_110302001_gettyimages-162253989.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><h3>यूपी के डीजीपी का बड़ा आरोप</h3><p>उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कट्टरपंथी ग्रुपों और मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों पर नागरिकता संशोधन क़ानून को लेकर गोपनीय तरीक़े से हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है. </p><p>पुलिस की यह टिप्पणी तब आई है जब प्रदेश में अब तक सीएए के विरोध-प्रदर्शन में 18 लोगों की मौत हो चुकी है और इनमें से 14 लोगों की मौत पुलिस की गोली से हुई है. </p><figure> <img alt="अमित शाह" src="https://c.files.bbci.co.uk/128F4/production/_110302067_amitshah.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><h3>डिटेंशन सेंटर का एनआरसी से कोई लेना-देना नहीं- अमित शाह</h3><p>समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को ज़ोर देकर कहा कि डिटेंशन सेंटर का एनआरसी या सीएए से कोई लेन-देना नहीं है. </p><p>उन्होंने कहा, ”सीएए से तो इसका दूर-दूर का वास्ता नहीं है. सीएए में शरणार्थी को नागरिकता देने का प्रावधान है, लेने का नहीं तो फिर इसके तहत कोई शरणार्थी को अवैध ठहराया ही नहीं जा सकता है. सीएए जब किसी को घुसपैठिया नहीं ठहराता है तो इसकी वजह से किसी को डिटेंशन सेंटर में रखने का सवाल ही कहाँ उठता है.”</p><figure> <img alt="नेपाल" src="https://c.files.bbci.co.uk/7544/production/_110302003_4502bb13-5f3c-424f-be49-6493eee118b5.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><h3>नेपाल में 120 चीनी गिरफ़्तार</h3><p>नेपाल की पुलिस ने देश की राजधानी काठमांडू से क़रीब 120 से अधिक चीनी नागरिकों को गिरफ़्तार किया है. शहर के पुलिस प्रमुख ने बताया कि इन लोगों को कैश मशीनों को हैक करने और साइबर क्राइम में शामिल होने के संदेह की वजह से गिरफ़्तार किया गया है. </p><p>पुलिस ने गिरफ़्तार किए गए इन लोगों के पास से पांच सौ से अधिक लैपटॉप भी ज़ब्त किए हैं. ये सभी लोग टूरिस्ट वीज़ा पर नेपाल आए थे. इससे पहले सितंबर महीने में पाँच चीनी नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया था. इन लोगों के पास से पुलिस को 100 से ज़्यादा फ़र्ज़ी वीज़ा कार्ड मिले थे. </p><p>बीजिंग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग सुआंग ने कहा कि चीन सीमा-पार अपराधों पर नियंत्रण लगाने के लिए हर सूरत में नेपाल के साथ खड़ा है. </p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a 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