1947 से 2019 तक: बराबरी के हक़ की लड़ाई, अभी औरतों को और चलना है…

संयुक्त राष्ट्र ने 25 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस के तौर पर मनाया. ये दिन महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के मुद्दे को समझने के लिए मनाया जाता है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि हर तीन में से एक महिला को अपनी ज़िंदगी में कभी न कभी शारीरिक या यौन हिंसा की तकलीफ़ […]

<p>संयुक्त राष्ट्र ने 25 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस के तौर पर मनाया. </p><p>ये दिन महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के मुद्दे को समझने के लिए मनाया जाता है. </p><p>संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि हर तीन में से एक महिला को अपनी ज़िंदगी में कभी न कभी शारीरिक या यौन हिंसा की तकलीफ़ से गुजरना पड़ता है. </p><p>भारत में भी महिलाओं को आज़ादी के बाद से अपने हक़ के लिए लड़ना पड़ा है. </p><p>इस मौके पर बीबीसी ने पिछले 70 साल में औरतों के हक़ की मुहिम की अहम घटनाओं को इस 360 डिग्री फ़िल्म के जरिये आपके सामने रखा है.</p><figure> <img alt="A long journey" src="https://c.files.bbci.co.uk/DE81/production/_109816965_poster_horizontal.jpg" height="549" width="976" /> <footer>BBC</footer> </figure><p>महिलाओं ने काफी प्रगति की है. बहुत लंबा सफ़र तय किया है. वे अब सब कुछ करती हैं. फ़िल्में बना रही हैं, वैज्ञानिक हैं, स्पोर्ट्स स्टार हैं, राजनीति में हैं. </p><p>लेकिन अभी भी बराबरी की हिस्सेदारी के लिए उन्हें काफी दूर चलना है जहां उनके साथ किसी भी स्तर पर कोई भी भेदभाव नहीं हो. </p><p>लेकिन फिलहाल मौका है, उन महिलाओं के संघर्ष को सेलीब्रेट करने का, जिनकी बदौलत हम सब आज यहां तक पहुंचे हैं. </p><p>आइए, यादों की इस ट्रेन के सफ़र में अतीत के महत्वपूर्ण पड़ावों से एक बार फिर मिलें.</p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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By Prabhat khabar digital desk

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