ईरान में मिला तेल का विशाल भंडार- पाँच बड़ी ख़बरें

Getty Images ईरान में तेल का एक विशाल भंडार मिला है. एक अनुमान के मुताबिक़ यह तेल भंडार 53 अरब बैरल है. ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने इसकी घोषणा की है. चौतरफ़ा आर्थिक प्रतिबंध झेल रहा ईरान के लिए यह सुखद ख़बर है. कहा जा रहा है […]

<figure> <img alt="ईरान" src="https://c.files.bbci.co.uk/C275/production/_109618794_041e4e0e-da77-49ba-b75b-600553f31745.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>ईरान में तेल का एक विशाल भंडार मिला है. एक अनुमान के मुताबिक़ यह तेल भंडार 53 अरब बैरल है. ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने इसकी घोषणा की है. चौतरफ़ा आर्थिक प्रतिबंध झेल रहा ईरान के लिए यह सुखद ख़बर है. कहा जा रहा है कि पिछले एक दशक में ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए यह एक अहम करवट है. </p><p>यह तेल क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम ईरान के 2,400 वर्ग किलोमीटर इलाक़ों में फैला हुआ है. ईरान के राष्ट्रपति के अनुसार यह इलाक़ा ईरान के ख़ुज़ेस्तान प्रांत में है. 65 अब बैरल वाला ईरान के अहवाज़ तेल क्षेत्र के बाद यह दूसरा बड़ा तेल क्षेत्र होगा. </p><p>तेल निर्यातक देशों के संगठन ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज यानी ओपेक का ईरान संस्थापक देश रहा है. ईरान के पास अभी कुल प्रमाणित तेल भंडार 155.6 अरब बैरल है. नई खोज के बाद ईरान के कुल तेल भंडार में 34 फ़ीसदी का इज़ाफ़ा हो गया है. अमरीकी इन्फ़र्मेशन एनर्जी एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक़ ईरान दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल भंडार वाला देश है और दुनिया का दूसरा बड़ा गैस भंडार वाला देश. </p><p>पिछले महीने ईरान ने घोषणा की थी कि प्राकृतिक गैस की नई खोज से उसके राजस्व में 40 अरब डॉलर जुड़ेगा. रूहानी ने कहा है कि इन खोजों से दुनिया मे ईरान के पास तेल का तीसरा सबसे बड़ा भंडार होगा. </p><p>इन नए भंडारों की घोषणा करते हुए रूहानी ने अमरीका पर भी हमला बोला. समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ रूहानी ने कहा, ”हमलोग अमरीका से कहना चाहते हैं कि हम एक अमीर देश हैं और आपकी शत्रुता के साथ कठोर प्रतिबंधों के बावजूद ईरान के तेल उद्योग के कामगारों और इंजीनियरों ने नए तेल क्षेत्र की खोज की है.”</p><figure> <img alt="दिल्ली" src="https://c.files.bbci.co.uk/137A5/production/_109618797_9dd75757-b22d-4478-b965-41e05b41a31f.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><h3>दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा फिर हुई ख़राब</h3><p>सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता एक बार फिर से नीचे चली गई. हवा की गुणवत्ता बेहद ख़राब श्रेणी में रही. </p><p>विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान गिरने और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से उठने वाले धुआं के कारण दिल्ली की हवा की गुणवत्ता एक बार फिर से ख़तरनाक स्तर तक पहुंच सकती है. </p><p>मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली में अगले दो दिनों में तापमान में एक से दो डिग्री की गिरावट आ सकती है और इससे हवा की गुणवत्ता और प्रभावित होगी. </p><figure> <img alt="भारत" src="https://c.files.bbci.co.uk/185C5/production/_109618799_524d29f9-9f8f-4059-8abb-0545cf43d63e.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><h3>भारत का औद्योगिक उत्पादन गिरा</h3><p>भारत की अर्थव्यवस्था का बुरा दौर ख़त्म नहीं हो रहा है. पिछले आठ सालों में देश का औद्योगिक उत्पादन सबसे निचले स्तर पर आ गया है. इनमें मैन्युफैक्चरिंग, खनन और इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर भी शामिल हैं. </p><p>नीति निर्माताओं पर अब अगली गिरावट रोकने का भयानक दबाव है. एनएसओ ने सोमवार को डेटा जारी किया है जिसमें बताया गया कि सितंबर में औद्योगिक उत्पादन 4.3 फ़ीसदी पर सिमट गया जो अप्रैल 2012 के बाद सबसे बुरी स्थिति में है. </p><figure> <img alt="जेएनयू" src="https://c.files.bbci.co.uk/2A81/production/_109618801_54910914-32df-407e-9334-835fcbd2989e.jpg" height="549" width="976" /> <footer>BBC</footer> </figure><h3>जेएनयू में विरोध प्रदर्शन के कारण एचआरडी मंत्री फंसे रहे</h3><p>सोमवार को दीक्षांत समारोह के दिन जेएनयू में होस्टल की फीस बढ़ोतरी के ख़िलाफ़ छात्रों और पुलिस के टकराव में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश निशंक पोखरियाल को छह घंटे तक ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन के कैंपस में बैठे रहना पड़ा. </p><p>जेएनयू में सोमवार सुबह विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था जो दिन भर जारी रहा. आक्रोशित छात्र और पुलिस में कई बार टकराव की स्थिति बनी. छात्र एआईसीटीई ऑडिटोरियम की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे जहां उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आए थे. </p><figure> <img alt="जेएनयू" src="https://c.files.bbci.co.uk/8071/production/_109618823_eb77b34d-2ddf-4070-94ee-3dba10b92b90.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><h3>हॉन्ग कॉन्ग में हिंसा</h3><p>हॉन्ग कॉन्ग की नेता कैरी लैम ने कहा कि हिंसा में शामिल प्रदर्शनकारी जनता के दुश्मन बन चुके हैं. पिछले पाँच महीनों से चल रहे प्रदर्शन में सोमवार को पहली बार भारी हिंसा हुई. एक घटना में प्रदर्शनकारियों से बहस करने वाले एक व्यक्ति को आग लगा दी गई. </p><p>एक वीडियो में दिख रहा है कि एक पुलिसकर्मी ने एक प्रदर्शनकारी को क़रीब से गोली मार दी. दोनों पीड़ितों की हालत गंभीर है. प्रदर्शन आयोजक बोनी लेउंग ने कहा कि हिंसा ख़त्म करना सरकार का काम है. </p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम </a><strong>और </strong><a href="https://www.youtube.com/user/bbchindi">यूट्यूब</a><strong>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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