बोलीविया: देश में पैदा हुआ राजनैतिक संकट, हिंसक प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रपति मोरालेस ने दिया इस्तीफा

ला पाज: बोलीविया के राष्ट्रपति इवो मोरालेस ने चुनाव नतीजों में गड़बड़ी के आरोपों के बाद सेना और जनता के बढ़ते दबाव के बीच रविवार को इस्तीफा दे दिया. चुनावों में अनियमितताओं को लेकर दक्षिण अमेरिकी देश में कई हफ्तों से हिंसक प्रदर्शन चल रहे हैं. इस फैसले से एक दिन पहले मोरालेस ने नये […]

ला पाज: बोलीविया के राष्ट्रपति इवो मोरालेस ने चुनाव नतीजों में गड़बड़ी के आरोपों के बाद सेना और जनता के बढ़ते दबाव के बीच रविवार को इस्तीफा दे दिया. चुनावों में अनियमितताओं को लेकर दक्षिण अमेरिकी देश में कई हफ्तों से हिंसक प्रदर्शन चल रहे हैं. इस फैसले से एक दिन पहले मोरालेस ने नये सिरे से चुनाव कराने की पेशकश भी की थी लेकिन संकट तब गहराया जब देश के सेना प्रमुख ने राष्ट्रीय टेलीविजन चैनल पर उनसे इस्तीफा देने की मांग की.

बोलीविया की विधानसभा को भेजा इस्तीफा

60 वर्षीय समाजवादी नेता मोरालेस ने कहा, ‘मैं बोलीविया की विधान सभा को अपना इस्तीफा भेज रहा हूं.’ उन्होंने कहा, ‘मैं आपसे भाइयों और बहनों पर हमला बंद करने की गुजारिश करता हूं, चीजों को जलाना और हमला करना बंद कीजिए.’ मोरालेस का बयान खत्म भी नहीं हुआ था कि उससे पहले ला पाज और अन्य शहरों में कार के हॉर्न बजने लगे और लोग जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतर आए. इस बीच, मोरालेस ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी का वारंट आया है.

मोरालेस के लिए जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट

उन्होंने ट्वीट किया, ‘मैं दुनिया तथा बोलीविया के लोगों को बताना चाहता हूं कि एक पुलिस अधिकारी ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उसके पास मेरे लोगों को गैरकानूनी रूप से गिरफ्तार करने के आदेश का पालन करने के निर्देश हैं.’ उन्होंने यह भी कहा कि ‘हिंसक समूहों’ ने उनके घर पर हमला किया था. तीन हफ्तों से चल रहे प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे कंजर्वेटिव नेता लुइस फर्नांडो कैमेचो ने पुष्टि की कि मोरालेस के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है. कैमेचो ने टि्वटर पर लिखा, ‘सेना ने उनका राष्ट्रपति विमान ले लिया है और वह चापारे में छिपे हैं.हम उनकी तलाश कर रहे हैं.

चुनाव में पायी गयी थीं कई अनियमितताएं

चापारे से ही मोरोलस ने टेलीविजन पर अपने इस्तीफे की घोषणा की. मोरालेस बोलीविया की मूल निवासी आबादी के राष्ट्रपति बनने वाले पहले सदस्य थे और वह 13 साल नौ महीने तक सत्ता में रहे जो देश के इतिहास में सबसे बड़ा कार्यकाल है. हालांकि, पिछले महीने चौथी बार चुनाव जीतने के उनके दावे ने देश में अशांति पैदा कर दी. उनके समर्थकों तथा प्रतिद्वंद्वियों के बीच झड़पों में तीन लोगों की मौत हो गयी और 100 से अधिक घायल हो गए.

इससे पहले रविवार को ऑर्गेनाइजेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट्स (ओएएस) ने एक रिपोर्ट में कहा कि उसने 20 अक्टूबर को हुए चुनाव में ‘कई अनियमितताएं’ पायी हैं और देश में नया चुनाव होना चाहिए.

सेना प्रमुख ने मांगा था राष्ट्रपति का इस्तीफा

मोरालेस इस पर राजी हो गए लेकिन कुछ ही घंटों के भीतर सेना प्रमुख जनरल विलियम्स कलीमन ने स्पष्ट कर दिया कि यह पर्याप्त नहीं होगा. सेना प्रमुख ने कहा, ‘आंतरिक संघर्ष की स्थिति का आकलन करने के बाद हम राष्ट्रपति से इस्तीफा देने की मांग करते हैं ताकि बोलीविया के हित में शांति और स्थिरता बरकरार रखी जा सके’. मोरालेस के इस्तीफे के कुछ घंटों के भीतर देश में नेतृत्व का संकट पैदा हो गया. दो मंत्रियों तथा तीन अन्य सरकार समर्थक विधायकों ने अपने इस्तीफे की घोषणा की. कुछ ने कहा कि विपक्ष के समर्थकों ने उनके परिवारों को धमकियां दी हैं.

बोलीविया को आर्थिक प्रगति दिलाई थी

ओएएस की रिपोर्ट जारी होने के बाद बोलीविया के सर्वोच्च चुनाव अधिकरण के प्रमुख ने इस्तीफा दे दिया. मोरालेस सबसे पहले 2006 में निर्वाचित हुए थे और दक्षिण अमेरिका के गरीब देश को आर्थिक वृद्धि की राह पर ले गए. उन्होंने सड़कों को पक्का करने, बोलीविया के पहले उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजने और महंगाई पर लगाम लगाने जैसे महत्वपूर्ण काम किए.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >