ब्रिटेन के सांसद ब्रेक्सिट डील की देरी के पक्ष में

BBC ब्रिटिश सांसदों ने ब्रेक्सिट डील में देरी किए जाने के पक्ष में वोट डाला है. इससे ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का ब्रेक्सिट डील को पास कराने का प्रस्ताव पास नहीं हो पाया है. इसके बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को ब्रेक्सिट डील के लिए यूरोपीय […]

<figure> <img alt="बोरिस जॉनसन" src="https://c.files.bbci.co.uk/71AC/production/_108600192_9ee27ce2-c0e1-4c4d-9a60-7c74be068476.jpg" height="549" width="976" /> <footer>BBC</footer> </figure><p> ब्रिटिश सांसदों ने ब्रेक्सिट डील में देरी किए जाने के पक्ष में वोट डाला है. </p><p>इससे ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का ब्रेक्सिट डील को पास कराने का प्रस्ताव पास नहीं हो पाया है. </p><p>इसके बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को ब्रेक्सिट डील के लिए यूरोपीय यूनियन से और समय की अनुमति मांगनी होगी.</p><p>हालांकि बोरिस जॉनसन ने यूरोपीय यूनियन से ज़्यादा समय मांगने से इनकार किया है. ब्रिटेन को ब्रेक्सिट डील या नो डील के लिए यूरोपीय यूनियन को 31 अक्टूबर तक बताना है.</p><h1>सितंबर में क्या हुआ था?</h1><p>इससे पहले सितंबर, 2019 में सत्ताधारी कंज़र्वेटिव पार्टी के विद्रोही सांसदों ने विपक्षी सांसदों के साथ मिलकर सरकार को संसद में हरा दिया है. </p><p>जुलाई में प्रधानमंत्री बनने के बाद बोरिस जॉनसन की संसद में ये पहली परीक्षा थी. मगर ब्रेक्सिट मुद्दे पर एक प्रस्ताव पर हुई वोटिंग में उन्हें केवल 301 सांसदों समर्थन दिया जबकि 328 सांसदों ने उनका विरोध किया.</p><p>उनकी हार का मतलब ये हुआ कि अब वहाँ संसद पर इन्हीं सांसदों का प्रभाव हो गया है और वे ब्रिटेन के बिना कोई समझौते के ही यूरोपीय संघ से अलग हो जाने यानी बिना किसी डील के ब्रेक्सिट पर रोक लगवा सकते हैं. </p><p>जबकि बोरिस जॉनसन ने कह रखा है कि डील हो या ना हो, 31 अक्तूबर तक ब्रिटेन, यूरोपीय संघ से अलग हो जाएगा. </p><p>अब इस समयसीमा को टलवाने के लिए बाग़ी और विपक्षी सांसद बुधवार को एक बिल सकते हैं और संसद के दोनों सदनों से पारित करवाकर क़ानून बना सकते हैं. </p><p>हार से नाराज़ प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि वो समय से पहले आम चुनाव करवाने के लिए संसद में एक प्रस्ताव लेकर आएँगे.</p><p>बोरिस जॉनसन ने कहा, &quot;चूँकि मैं उनकी योजना को नहीं मानता, इसलिए हमें फ़ैसला करना पड़ेगा. मैं नहीं चाहता चुनाव हो, जनता नहीं चाहती कि चुनाव हो, मगर कल अगर ये बिल पास हो गया, तो जनता को चुनाव करना होगा कि 17 अक्तूबर को इस मसले को सुलझाने और देश को आगे ले जाने के लिए ब्रसेल्स कौन जाएगा.&quot;</p><figure> <img alt="जेरेमी कॉर्बिन" src="https://c.files.bbci.co.uk/10CF2/production/_108605886_171d2d61-dc24-4e30-8b70-f7805566048f.jpg" height="549" width="976" /> <footer>AFP</footer> <figcaption>जेरेमी कॉर्बिन</figcaption> </figure><p>बोरिस जॉनसन जुलाई में ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने थे. </p><p>विपक्ष के नेता, लेबर सांसद जेरेमी कॉर्बिन ने कहा कि प्रधानमंत्री को बुधवार यानी आज नो-डील का विरोध करने वाले प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए.</p><p>जेरेमी कॉर्बिन ने कहा, &quot;मैं मतदान पर आए फ़ैसले का स्वागत करता हूँ. हम एक संसदीय लोकतंत्र में रहते हैं, राष्ट्रपति वाले लोकतंत्र में नहीं. प्रधानमंत्री हाउस ऑफ़ कॉमन्स की सहमति से शासन चलाते हैं जो जनता की प्रतिनिधि है. वो आम चुनाव के लिए प्रस्ताव लाना चाहते हैं, उससे कोई दिक्कत नहीं है. मगर उससे पहले उन्हें उस बिल को पास करवाना चाहिए जो बिना किसी समझौते के यूरोपीय संघ से अलग होने का विरोध करता है.&quot;</p><figure> <img alt="सांसद फिलिप ली" src="https://c.files.bbci.co.uk/C756/production/_108603015_63c11a52-3255-4aa4-8911-5f4183b3d5bb.jpg" height="549" width="976" /> <footer>AFP</footer> <figcaption>सांसद फिलिप ली</figcaption> </figure><h3>21 टोरी सांसदों ने की बग़ावत</h3><p>ब्रिटेन में ब्रेक्सिट को लेकर बागी सांसदों और बोरिस जॉनसन के बीच बीती रात 21 टोरी सांसदों ने अपनी ही सरकार को हराने के लिए विपक्ष का साथ दिया. इनमें कई पूर्व कैबिनेट मंत्री शामिल थे.</p><p>अंतिम मुक़ाबले से ऐने पहले सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी के सांसद फिलिप ली दल बदल करते हुए लिबरल डेमोक्रेट्स में शामिल हो गए. बोरिस जॉनसन संसद को संबोधित ही कर रहे थे, जब ब्रेकनेल से सांसद फिलिप ली उठ कर विपक्षी खेमे में जा बैठे.</p><p>संसद में मतदान का नतीजा आने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा है कि जिन टोरी सांसदों ने बग़ावत की, उनसे व्हिप छीन लिया जाएगा.</p><p>यानी इसका मतलब ये होगा कि ये सांसद कंज़र्वेटिव पार्टी के संसदीय दल से निष्कासित हो जाएँगे. </p><p>कुल मिलाकर ब्रिटेन में अभी संसद और सरकार के बीच आर-पार की लड़ाई जैसी स्थिति बन चुकी है. </p><p>संसद नहीं चाहती कि ब्रिटेन बिना किसी समझौते के यूरोपीय संघ से रिश्ता तोड़े, और बोरिस जॉनसन यही वादा कर प्रधानमंत्री बने थे कि समझौता हो, या ना हो, 31 अक्तूबर को ब्रिटेन, यूरोपीय संघ से अलग हो जाएगा.</p><figure> <img alt="ब्रेग्ज़िट" src="https://c.files.bbci.co.uk/EE66/production/_108603016_cb04eaad-6cf1-4486-8965-cdcd520fac4b.jpg" height="351" width="624" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><h1>ब्रेक्सिट पर बँटा ब्रिटेन</h1><p>बीते महीने ही प्रधानमंत्री जॉनसन ने संसद को निलंबित कर दिया था. विपक्ष के वरिष्ठ सासंदों ने जब उसे अवैध बताया तो जॉनसन ने कहा था कि वे नया क़ानून लाना चाहते हैं, इसलिए ऐसा कर रहे हैं.</p><p>अब जबकि यह उम्मीद जताई जा रही थी कि 10 सितंबर को संसद निलंबित हो जाएगी और 14 अक्तूबर तक बहाल नहीं होगी. इसी दौरान ब्रिटेन को यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलना था.</p><p>गौरतलब है कि ब्रिटेन में ब्रेक्सिट के समर्थन और विरोध का दौर चल रहा है. जो इसका विरोध कर रहे हैं वो इसे आपदा बताते हैं और कहते हैं कि संसद को निलंबित करने से ब्रिटिश लोकतंत्र को क्षति पहुँचेगी.</p><p>वहीं जो यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलना चाहते हैं उन्हें लगता है कि सांसद नो ब्रेक्सिट डील के ज़रिए ब्रिटिश नागरिकों की राय की उपेक्षा कर रहे हैं.</p><p>गौरतलब है कि 2016 में ब्रिटेन में 52 फ़ीसदी लोगों ने ब्रेक्सिट का समर्थन किया था और 48 फ़ीसदी लोगों ने इसका विरोध किया था.</p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम </a><strong>और </strong><a href="https://www.youtube.com/user/bbchindi">यूट्यूब</a><strong>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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