अयोध्या मामलाः सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई पूरी होने के संकेत

Getty Images सुप्रीम कोर्ट की पाँच न्यायाधीशों वाली संवैधानिक पीठ ने मंगलवार को संकेत दिया है कि बेहद संवेदनशील बाबरी मस्जिद-राम मंदिर मामले में सभी सुनवाई बुधवार तक पूरी हो जाएगी.राजनीतिक तौर पर बेहद संवेदनशील माने जाने वाले इस मामले में मंगलवार को सुनवाई का 39वां दिन […]

<figure> <img alt="सुप्रीम कोर्ट" src="https://c.files.bbci.co.uk/4D34/production/_109246791_d33047aa-9fc2-42c6-9a83-fe073bbc2981.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>सुप्रीम कोर्ट की पाँच न्यायाधीशों वाली संवैधानिक पीठ ने मंगलवार को संकेत दिया है कि बेहद संवेदनशील बाबरी मस्जिद-राम मंदिर मामले में सभी सुनवाई बुधवार तक पूरी हो जाएगी.</p><p>राजनीतिक तौर पर बेहद संवेदनशील माने जाने वाले इस मामले में मंगलवार को सुनवाई का 39वां दिन था. इसमें हिंदू समूहों ने विवादास्पद परिसर में पूजा अर्चना करने के लिए अनुमति दिए जाने के पक्ष में दलील दी. </p><p><strong>वरिष्ठ पत्रकार सुचित्र मोहंती के मुताबिक़</strong><strong> </strong>चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस बात के संकेत दिए हैं कि बुधवार को सुनवाई पूरी हो सकती है. उन्होंने सुनवाई के दौरान कहा, &quot;बुधवार को 40वां दिन होगा और संभवत सुनवाई का अंतिम दिन हो सकता है.&quot;</p><p>वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने पाँच सदस्यीय संवैधानिक पीठ के सामने ये भी जानकारी दी कि निर्मोही अखाड़ा की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील सुशील कुमार जैन की मां का निधन हो गया है. </p><p>इसके बाद वरिष्ठ वकील के पारासरन ने महंत सुरेश दास के प्रतिनिधि के तौर पर सुनवाई आरंभ की. </p><p>पारासरन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अयोध्या के किसी भी अन्य मस्जिद में मुस्लिम लोग नमाज़ पढ़ सकते हैं. अयोध्या में कई मस्जिदें हैं और वहां वे नमाज़ पढ़ सकते हैं. </p><figure> <img alt="रंजन गोगोई" src="https://c.files.bbci.co.uk/9B54/production/_109246793_eea1fbb3-79c3-4814-9b7a-8a42d4dd1b7e.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>पारासरन ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया, &quot;अयोध्या में अकेले 50-60 मस्जिदें हैं. हिंदुओं के लिए केवल रामलला का जन्मस्थल है. हम जन्मभूमि को नहीं बदल सकते.&quot;</p><p>पारासन ने कहा कि हिंदू शताब्दियों से इसे राम जन्मभूमि के तौर पर देखते आए हैं. उन्होंने अदालत में ये बताया, &quot;हिंदुओं के लिए अयोध्या राम की जन्मभूमि है. मुस्लिमों के लिए ये ऐतिहासिक मस्जिद थी. मुस्लिमों के लिए सभी मस्जिद एकसमान होती हैं.&quot;</p><p>वरिष्ठ वकील राजीव धवन इस मामले में मुस्लिम लोगों का पक्ष रख रहे हैं. उन्होंने पारासरन की दलीलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या पारासरन बताएंगे कि अयोध्या में कितने मंदिर हैं?</p><p>पारासरन ने कहा कि उन्होंने मंदिर और मस्जिदों के बारे में इसलिए ये सब बताया है क्योंकि यह बताना चाहते थे कि यह राम जन्मभूमि है.</p><p>पारासरन ने सवाल किया कि मुस्लिम कैसे विवादित जगह पर अपना दावा पेश कर सकते हैं?</p><p>मुख्य न्यायाधीश ने ये भी पूछा कि क्या आप धवन की उस दलील को स्वीकार कर रहे हैं कि एक बार जहां मस्जिद रही है वहां हमेशा मस्जिद होनी चाहिए? </p><p>पारासरन ने कहा कि नहीं, मेरा ये कहना है कि एक बार जो मंदिर रहा है वहां हमेशा मंदिर होना चाहिए. मैं उनके बयान पर कमेंट नहीं करना चाहता हूं क्योंकि मैं कोई एक्सपर्ट नहीं हूं.</p><p>वहीं हिंदूओं की ओर से मामले में पक्ष रखते हुए सीएस विद्यानाथन ने कहा कि ये जगह मुस्लिमों के क़ब्ज़े में थी, इसका कोई सबूत नहीं है.</p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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