चिन्मयानंद मामलाः पुलिस बचाने की कोशिश कर रही है, छात्रा के पिता का आरोप: प्रेस रिव्यू

Getty Images पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाने वाली छात्रा के पिता का कहना है कि उनकी बेटी को इसलिए गिरफ्तार किया गया ताकि मामले को वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा सके. 23 वर्षीय छात्रा के पिता ने कहा कि उनकी बेटी के खिलाफ पुलिस के पास कोई […]

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पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाने वाली छात्रा के पिता का कहना है कि उनकी बेटी को इसलिए गिरफ्तार किया गया ताकि मामले को वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा सके.

23 वर्षीय छात्रा के पिता ने कहा कि उनकी बेटी के खिलाफ पुलिस के पास कोई ठोस सबूत नहीं है और पुलिस चिन्मयानंद को बचाने की कोशिश कर रही है.

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए छात्रा के पिता ने कहा, "एसआईटी ने मेरी बेटी को झूठे आरोपों के आधार पर गिरफ्तार किया है और ये आरोप झूठा है कि मेरी बेटी उन तीन युवाओं के साथ मिली हुई थी (जिन्हें वसूली की मांग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है). ये सब झूठ है. मेरी बेटी का इससे कुछ लेना-देना नहीं है. अपने बयान में मेरी बेटी ने कभी भी, किसी अपराध की बात नहीं मानी है और एसआईटी मीडिया में झूठ फैला रही है."

AFP

एनआसी हुआ तो तिवारी को दिल्ली छोड़नी पड़ेगी: केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को कहा कि जो मनोज तिवारी राष्ट्रीय राजधानी में एनआरसी की मांग कर रहे हैं, ये लिस्ट बनी तो उन्हें ही दिल्ली छोड़नी पड़ेगी.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुतबिक केजरीवाल ने ये बयान उस सवाल के जवाब में दिया, जिसमें पूछा गया था कि बीजेपी की दिल्ली इकाई के प्रमुख मनोज तिवारी का कहना है कि अवैध प्रवासी, दिल्ली में अपराध बढ़ने के ज़िम्मदार हैं. इसके जवाब में केजरीवाल ने कहा कि "दिल्ली में एनआरसी लागू हुआ तो पहले तिवारी को ही जाना पड़ेगा."

इसपर मनोज तिवारी ने कहा, "क्या बिहार, हरियाणा, मध्यप्रदेश का हो जाने से कोई एनआरसी में आ जाता है. अरविंद केजरीवाल को ऐसे बयान देने पर शर्म आनी चाहिए. उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है, एनआरसी का मतलब सिर्फ उनके लिए है जो विदेश से आते हैं."

इसके बाद बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने भी बयान दिया. कपिल मिश्रा ने कहा कि यूपी-बिहार के लोगों को देश से बाहर का बताना और उनकी तुलना घुसपैठियों से कर देना बिल्कुल गलत है.

AFP

इंसाफ नहीं मिलने तक हर साल छह हज़ार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि तीन तलाक पीड़िताओं को इंसाफ नहीं मिलने तक सरकार हर पीड़ितो को साल में छह हज़ार रुपए देगी.

इंडियन एक्स्प्रेस के मुताबिक मुख्यमंत्री बुधवार को लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं के साथ संवाद कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि तलाक पीड़िताओं के सफल संघर्ष से आप जैसी पीड़िताओं को जीने की राह मिली है. "आपकी लड़ाई जोड़ने और निर्माण की है, लिहाज़ इसे हम कतई कमज़ोर नहीं होने देंगे. इंसाफ नहीं मिलने तक सरकार हर पीड़ित को साल में छह हज़ार रुपए देगी. पात्रता के मुताबिक केंद्र व प्रदेश सरकार की सारी योजनाओं का भी लाभी देंगे."

पीएम जन विकास कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तीन तलाक की पीड़िताओं की निःशुल्क पैरवी करेगी और उनके बच्चों को निःशुल्क शिक्षा भी देगी.

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सांकेतिक तस्वीर

‘लव जिहाद ईसाई समुदाय के लिए बढ़ता खतरा’

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि ईसाई लड़कियों को ‘लव जिहाद’ का शिकार बनाया जा रहा है. ये खबर द हिंदू अखबार में है.

कुरियन के मुताबिक ऐसा लगता है कि ईसाई समुदाय, इस्लामी कट्टरपंथियों के लिए एक सॉफ्ट टारगेट है और लड़कियों को लव जिहाद का शिकार बनाकर आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा है.

कुरियन ने अपील की है कि गृह मंत्रालय मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी को जांच का आदेश दे, साथ ही कट्टरपंथी तत्वों की ऐसी धोखाधड़ी वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए एक प्रभावी कानून लाए.

जॉर्ज कुरियन ने दो घटनाओं का ज़िक्र किया है. एक घटना कोझिकोड की है, जिसमें ईसाई कॉलेज की छात्रा के साथ कथित तौर पर बलात्कार किया गया. अभियुक्त ने कथित रूप से वारदात का वीडियो भी बनाया और फिर धमकी देकर पीड़ित को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर किया.

अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष का कहना है कि दूसरा मामला दिल्ली की एक लड़की का था, जिसका पश्चिम एशियाई देश में कथित रूप से अपहरण किया गया था. कुरियन ने कहा कि लड़की के माता-पिता ने शिकायत की कि हो सकता है कि लड़की को गुमराह और दिमागी रूप से परेशान किया गया हो.

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