जिनेवा : संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 42वें सत्र में गिलगिट-बाल्टिस्तान के रिटायर्ड कर्नल वजाहत हसन ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के विवादित मसले पर पाकिस्तान की फजीहत कराने का काम किया है. उन्होंने अपने संबोधन के दौरान कहा कि पाकिस्तान का कहना है कि पूरा जम्मू-कश्मीर ही एक विवादित क्षेत्र है, इसलिए वहां पर आत्मनिर्णय का अधिकार होना चाहिए.
उन्होंने कहा, ‘मेरा कहना है कि पाकिस्तान यह दावा कैसे कर सकता है कि यह एक विवादित क्षेत्र है? उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने लंबे समय से गिलगिट-बाल्टिस्तान को लंबे समय तक कश्मीर के एक कॉकपिट के रूप में रखा कि लोग अब गिलगिट-बाल्टिस्तान के महत्व और जम्मू-कश्मीर राज्य के साथ इसके संबंध के बारे में जानते भी नहीं हैं.’
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इसके पहले, बुधवार को ही पाकिस्तान को एक और करारा झटका तब लगा, जब संयुक्त राष्ट्र ने कश्मीर मसले को मध्यस्थता को लेकर पाकिस्तान की अपील को स्वीकार करने से इनकार कर कर दिया. कश्मीर में मध्यस्थता को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने यह साफ कर दिया कि पाकिस्तान की अपील स्वीकार नहीं की जा सकती. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में यह स्पष्ट कर दिया गया कि दोनों देशों को आपसी बातचीत के जरिये ही इस मसले को सुलझाना होगा.
