इमरान ख़ान की पार्टी के पूर्व विधायक बलदेव ने छोड़ा पाकिस्तान, भारत से मांगी शरण

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) के पूर्व विधायक बलदेव कुमार पाकिस्तान छोड़ कर भारत आ गए हैं.बलदेव ख़ैबर पख़्तूख़्वाह प्रांतीय एसेंबली के सदस्य थे.भारतीय राज्य पंजाब आकर उन्होंने दावा किया है कि पाकिस्तान के पंजाब में ‘अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है’ और बाक़ी समुदाय के लोग भी सुरक्षित नहीं […]

<p>पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) के पूर्व विधायक बलदेव कुमार पाकिस्तान छोड़ कर भारत आ गए हैं.</p><p>बलदेव ख़ैबर पख़्तूख़्वाह प्रांतीय एसेंबली के सदस्य थे.</p><p>भारतीय राज्य पंजाब आकर उन्होंने दावा किया है कि पाकिस्तान के पंजाब में ‘अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है’ और बाक़ी समुदाय के लोग भी सुरक्षित नहीं है.</p><p>बलदेव कुमार ने कहा, &quot;सिर्फ़ अल्पसंख्यक ही नहीं, मुसलमान भी वहां सुरक्षित नहीं है. मैं भारत सरकार से गुज़ारिश करता हूं कि वो मुझे यहां आश्रय दे. मैं वापस नहीं जाऊंगा.&quot;</p><p>बलदेव कुमार फ़िलहाल पंजाब के खन्ना में रह रहे हैं. वो कहते हैं कि उन्हें पाकिस्तान में रह रहे सिखों की हालत और सुरक्षा की चिंता है. </p><p>मीडिया से बातचीत में उन्होंने सवाल किया, ”जो लोग हमारे गुरुओं के नहीं हुए वो हमारे क्या होंगे?” </p><h3>मोदी से आस</h3><p>भारत से शरण मांग रहे बलदेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुज़ारिश की है कि वो पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू और सिख परिवारों की स्थिति पर ध्यान दें. </p><p>बलदेव कुमार ने कहा, &quot;भारत सरकार को पाकिस्तान में रह रहे हिंदू और सिख परिवारों के लिए एक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए. मैं चाहता हूं मोदी जी उनके लिए कुछ करें, वो वहां प्रताड़ित हो रहे हैं.&quot; </p><p>बलदेव ने भारत प्रशासित कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मुद्दे को तूल देने के लिए भी पाकिस्तान की आलोचना की. </p><figure> <img alt="नरेंद्र मोदी" src="https://c.files.bbci.co.uk/AFAD/production/_108737944_056262829-1.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Reuters</footer> </figure><h1>बलदेव सिंह के भाई उनसे नाराज़</h1><p>उधर पाकिस्तान के स्वात में रह रहे बलदेव सिंह के भाई और पार्षद तालिक कुमार ने बीबीसी को बताया कि उन्हें तो मीडिया के ज़रिए पता चला कि उनके भाई ने भारत में राजनीतिक शरण मांगी है.</p><p>तालिक ने कहा कि उनके भाई की बेटी थैलेसेमिया से पीड़ित है और वो उसी का इलाज कराने के लिए भारत गए थे. तालिक ने कहा कि उनके भाई के बारे में जानकर उन्हें काफ़ी निराशा हुई.</p><p>तालिक कुमार का कहना था, ”हमारा पूरा परिवार पाकिस्तान में रहता है. ये हमारा मुल्क है. बलदेव कुमार का जन्म भी यहीं हुआ है. हमें यहां आज तक कभी कोई परेशानी नहीं हुई.”</p><p>ख़ैबर पख़्तूख़्वाह प्रांत के सूचना मंत्री और प्रांतीय सरकार के प्रवक्ता शौकत यूसुफ़ज़ई ने कहा कि जैसे ही पार्टी को पता चला कि बलदेव सिंह पीटीआई के ही एक दूसरे विधायक सोरन सिंह की हत्या के अभियुक्त हैं पार्टी ने उन्हें फ़ौरन बाहर का रास्ता दिखा दिया था.</p><p>सरदार सोरन सिंह की 2016 में हत्या कर दी गई थी. बलदेव कुमार समेत कुल पाँच लोगों को हत्या के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था. लेकिन दो साल के बाद बलदेव कुमार सुबूतों के अभाव में अदालत से बरी हो गए थे.</p><p>बलदेव कुमार पीटीआई के अल्पसंख्यक नेताओं की सूची में दूसरे नंबर पर थे. और सोरन सिंह की हत्या के बाद उन्हें विधान सभा का सदस्य मनोनीत कर दिया गया था लेकिन पीटीआई ने उनका समर्थन नहीं किया और उन्हें सदन का सदस्य बनने में कोई न कोई बाधा पैदा करने लगी.</p><p>आख़िरकार बलदेव ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया और अदालत के आदेश पर उन्हें विधान सभा की सदस्यता की शपथ दिलाई गई. लेकिन सदन का कार्यकाल उसी दिन ख़त्म हो गया और इस तरह वो 24 घंटे से भी कम समय के लिए प्रांतीय एसेंबली के सदस्य रह सके.</p><p>बलदेव कुमार का पूरा परिवार स्वात में रहता है. उनकी पत्नी भारत से हैं. उधर सोरन सिंह के दामाद अजय सिंह ने बीबीसी को बताया है कि उन्होंने अदालत के आदेश के ख़िलाफ़ उपरी अदालत में अपील की है इसलिए बलदेव सिंह पर मुक़दमा अभी भी चल रहा है.</p><p>उन्होंने आश्चर्य जताया कि हत्या का एक अभियुक्त कैसे देश छोड़ सकता है.</p><p>पीटीआई के उमर चीमा ने बीबीसी को बताया कि बलदेव कुमार पर अभी भी मुक़दमा चल रहा है और बलदेव कुमार पर विश्वास करने से पहले लोगों की उनकी नीयत पर ध्यान देना चाहिए.</p><p><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-49524329?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">कश्मीर पर भारत के फ़ैसले से चीन क्यों है नाराज़?</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-49629777?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">भारत-पाकिस्तान: देर भले हो गई है मगर अंधेर नहीं</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-49623842?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">कश्मीरियों के लिए कब चलेगी पहली गोली- जमात प्रमुख का सवाल</a></li> </ul><p><strong>(</strong><strong>बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">क्लिक कर</a><strong> सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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