सोशल: मैं किसी की पत्नी नहीं, मेरी निजी हैसियत है – इंदिरा जयसिंह

औरत कभी किसी की बेटी तो कभी किसी की पत्नी कहलाती है. शादी से पहले उसके पिता का सरनेम साथ होता है और शादी के बाद अपने पति का सरनेम अपना लेती है. अपनी पहचान बना लेने के बाद भी उसे किसी की पत्नी कहकर पुकारा जाता है – लेकिन वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह आज […]

<p>औरत कभी किसी की बेटी तो कभी किसी की पत्नी कहलाती है. शादी से पहले उसके पिता का सरनेम साथ होता है और शादी के बाद अपने पति का सरनेम अपना लेती है. अपनी पहचान बना लेने के बाद भी उसे किसी की पत्नी कहकर पुकारा जाता है – लेकिन वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह आज भी इसी सोच से लड़ रहीं हैं. </p><p>कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने उन्हें आनंद ग्रोवर की पत्नी कह दिया, जिस पर इंदिरा जयसिंह ने एतराज़ जताया और कहा, &quot;मेरी अपनी निजी हैसियत है, मैं किसी की पत्नी नहीं हूं.&quot;</p><p>ये वाक़या न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की खंडपीठ के सामने उस वक़्त हुआ, जब ग्रोवर ने अदालत से कहा कि वो जयसिंह की ओर से पेश हो रहे हैं.</p><p>पीटीआई और बार एंड बेंच के ट्वीट के मुताबिक़ इंदिरा जयसिंह ने वकील प्रशांत भूषण के ख़िलाफ़ अटार्नी जनरल द्वारा दायर अदालत की अवमानना याचिका में दख़ल देने की मांग करते हुए अर्ज़ी लगायी थी.</p><p>न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने आनंद ग्रोवर से पूछा कि इस मामले में वह किसका प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.</p><p>तो ग्रोवर ने जवाब दिया, &quot;श्रीमती जयसिंह का&quot;. </p><p>फिर न्यायमूर्ति मिश्रा ने पूछा, ”इंदिरा जयसिंह का नहीं?” </p><p>तब ग्रोवर ने स्पष्ट किया कि वह उन्हीं की ओर से पेश हो रहे हैं.</p><p>इसी बीच अदालत में मौजूद अटार्नी जनरल वेणुगोपाल ने कहा, &quot;उन्हें कहना चाहिए कि पत्नी के लिए.&quot; </p><p>इस पर इंदिरा जयसिंह ने एतराज़ जताया और कहा, &quot;श्रीमान अटार्नी जनरल, आप अपनी टिप्पणी वापस लीजिए. मेरी अपनी निजी हैसियत है.&quot;</p><p>हालांकि कुछ क्षणों बाद इंदिरा जयसिंह ने कहा, &quot;मुझे दुख है कि मैं अपना आपा खो बैठी. हम दोनों वकील के रूप में पहचाने जाते हैं. हमारी पहचान सिर्फ़ किसी के पति या पत्नी के रूप में नहीं है. हम दोनों अपने आप में अलग शख़्सियत हैं इसलिए हमने शादी के बाद भी अपना नाम नहीं बदलना तय किया.&quot;</p><p>इंदिरा जयसिंह से जुड़े इस वाक़ये ने एक बार फिर महिलाओं की अपनी व्यक्तिगत पहचान पर चर्चा को शुरू कर दिया है. </p><p>कोर्ट रूम में हुई इस चर्चा के बाद सोशल मीडिया पर इस बारे में लोग काफ़ी बात होने लगी. </p><p><a href="https://twitter.com/barandbench/status/1103625682926612480?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1103625682926612480&amp;ref_url=https%3A%2F%2Fwww.news18.com%2Fnews%2Fbuzz%2Fi-am-person-in-my-own-right-indira-jaising-asks-ag-to-withdraw-comment-referring-to-her-as-someones-wife-in-court-2059669.html">https://twitter.com/barandbench/status/1103625682926612480?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1103625682926612480&amp;ref_url=https%3A%2F%2Fwww.news18.com%2Fnews%2Fbuzz%2Fi-am-person-in-my-own-right-indira-jaising-asks-ag-to-withdraw-comment-referring-to-her-as-someones-wife-in-court-2059669.html</a></p><p>अपूर्व विश्वनाथ नाम की क़ानून मामलों की एक पत्रकार ने ट्वीट किया, &quot;आप देश की जानी-मानी महिला अधिकार वकील हो जाएंगी, लेकिन फिर भी आपको किसी पुरुष की पत्नी कहकर पुकारा जाएगा. इंदिरा जयसिंह आप इस तरह की सोच के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाती रहिए.&quot;</p><p><a href="https://twitter.com/apurva_hv/status/1103661640090877952">https://twitter.com/apurva_hv/status/1103661640090877952</a></p><p>निशिता झा नाम की एक ट्वीटर यूज़र ने कहा, &quot;मैं इंदिरा जयसिंह जैसे लोगों की शुक्रगुज़ार हूं, जो इस तरह की छोटी बड़ी लड़ाईयों को लड़ने के लिए आगे आती हैं.&quot;</p><p><a href="https://twitter.com/NishSwish/status/1103642753920106496">https://twitter.com/NishSwish/status/1103642753920106496</a></p><p>गौतम मुखर्जी नाम के एक ट्वीटर यूज़र ने इंदिरा के लिए लिखा, &quot;मैं आपका समर्थन करता हूं. लेकिन मैं साथ ही ये भी महसूस कर रहा हूं कि शादी के मौजूदा स्वरूप को बदला जाना चाहिए. आपको क्या लगता है?</p><p>गौतम के इस वाल पर इंदिरा जयसिंह ने कहा कि इस सवाल को किसी और दिन ज़रूर उठाया जाएगा.</p><p><a href="https://twitter.com/Rajamkj/status/1103625771933814785">https://twitter.com/Rajamkj/status/1103625771933814785</a></p><p>इंदिरा जयसिंह ने ट्वीट कर बताया कि जब अटार्नी जनरल ने ये टिप्पणी की तो उनके पति आनंद ग्रोवर ने इसे एक ‘सेक्सिस्ट रिमार्क’ बताया.</p><p><a href="https://twitter.com/IJaising/status/1103641760339804160">https://twitter.com/IJaising/status/1103641760339804160</a></p><p>उन्होंने कहा, &quot;हम किस तरह के देश में जी रहे हैं. क्या जज की ये जिम्मेदारी नहीं थी कि उन्हें इस मामले में बोलते. ये सब मुझे इसलिए कहा गया, क्योंकि मैं अपनी पहचान की बात कर रही थी.&quot;</p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम </a><strong>और </strong><a href="https://www.youtube.com/user/bbchindi">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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