हॉकी विश्वकप: कप्तान मनप्रीत सिंह पर क्यों चिल्लाईं सीईओ

ओडिशा में भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में यूं तो गूंज हॉकी विश्वकप और खिलाड़ियों की है, समर्थकों के शोर की है, जीत और हार की है लेकिन इसी बीच भारतीय टीम विवाद के बवंडर में फंसी हुई दिखाई दी. नॉकऑउट मुक़ाबले शुरू होने के बाद कोई भी टीम विवाद में तो फंसना बिल्कुल नहीं चाहेगी, […]

<p>ओडिशा में भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में यूं तो गूंज हॉकी विश्वकप और खिलाड़ियों की है, समर्थकों के शोर की है, जीत और हार की है लेकिन इसी बीच भारतीय टीम विवाद के बवंडर में फंसी हुई दिखाई दी. </p><p>नॉकऑउट मुक़ाबले शुरू होने के बाद कोई भी टीम विवाद में तो फंसना बिल्कुल नहीं चाहेगी, लेकिनर 11 दिसंबर की रात कलिंगा स्टेडियम के स्पॉन्सर (वीआईपी) लाउंज में भारतीय कप्तान मनप्रीत सिंह, मनदीप, गुरजंत सिंह और कृष्ण पाठक के साथ हुए दुर्व्यवहार के बाद एक विवाद ने जन्म लिया. </p><p>और इसका पता तब चला जब कथित तौर पर वहां मौजूद लिओ देवाडॉस ने फ़ेसबुक पर इस घटना का वर्णन किया. </p><h1>क्या है पूरा मामला</h1><p>उनके पोस्ट के मुताबिक 11 दिसंबर को कप्तान मनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, गुरजंत सिंह और कृष्ण पाठक कलिंगा स्टेडियम के वीआईपी लाउंज में मौजूद थे, जो ओडिशा सरकार द्वारा बनवाया गया है कि तभी हॉकी इंडिया की सीईओ एलिना नॉर्मन वहां पहुंचती हैं और खिलाड़ियों को डांटते हुए वहां से जाने को कहती हैं. </p><p>उनके मुताबिक़ एलिना का व्यवहार खिलाड़ियों के लिए बेहद रूखा था और बोलने का अंदाज़ भी सही नहीं था. </p><p>वे लिखते हैं कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि एलिना किसी पर चिल्लाई हों. वह एलिना को जूनियर विश्वकप, वर्ल्ड हॉकी लीग में भी यूं चिल्लाते हुए देख चुके हैं. लेकिन इस बार खिलाड़ियों पर यूं चिल्लाना लिओ को पसंद नहीं आया.</p><p>फ़ेसबुक पर लिओ देवाडॉस अपने आपको हॉकी का सर्टिफाइड कोच और खेल विशेषज्ञ के तौर पर लिखने वाले फ्ऱीलांस लेखक बताते हैं. </p><p>चारों भारतीय खिलाड़ी उस दिन (बेल्जियम बनाम पाकिस्तान और नीदरलैंड्स बनाम कनाडा) क्रॉस-ओवर मैच देखने के लिए वहां बैठे थे.</p><h1>हॉकी इंडिया का पक्ष</h1><p>मामले ने जब तूल पकड़ा तो हॉकी इंडिया की तरफ़ से सफ़ाई आई कि नियम के अनुसार किसी भी देश के खिलाड़ियों को वीआईपी लाउंज में जाने की इज़ाजत नहीं है. </p><p>ऐसे में एलिना का उनको टोकना ग़लत नहीं था. उन्होंने कहा कि जिस तरह से कुछ मीडिया वाले इस ख़बर में मिर्च-मसाला डालकर यह तक लिख रहे हैं कि एलिना ने भारतीय खिलाड़ियों को गाली दी, ये बिल्कुल ग़लत है.</p><p>उन्होंने किसी भी तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया था.</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/sport-46503201">हॉकी विश्वकप: चीन का कोच, जिसने भारत से सीखा ‘गुरुमंत्र'</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/sport-46503814">ऋषभ पंत शरारत करते हैं या करवाई गई</a></li> </ul><p><strong>'</strong><strong>एलिना ग़लत</strong><strong> </strong><strong>नहीं थीं</strong><strong>'</strong></p><p>प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय कप्तान मनप्रीत सिंह ने कहा कि एलिना केवल अपना काम कर रही थीं. हमें वहां नहीं जाना चाहिए था. उन्होंने गाली नहीं दी थी.</p><p>हालांकि वहां मौजूद लोगों को शिकायत इस बात से थी कि एलिना का बोलने का ढंग ठीक नहीं था.</p><h1>क्या है नियम</h1><p>हमने ये जानने का प्रयास किया कि आख़िरकार खिलाड़ियों को लेकर इंडिया हॉकी लीग और एफ़आईएच के क्या नियम या प्रोटोकॉल है. </p><p>हॉकी इंडिया लीग के नियमों के अनुसार विश्वकप खेलने आई हर टीम के हर खिलाड़ी को हाथ में एक बैंड पहनाया गया है, जिससे ये समझने में आसानी होती है कि वह कहां आ-जा सकते हैं. इसके अनुसार किसी भी खिलाड़ी के पास वीआईपी लांउज में आने की अनुमति नहीं है. </p><p>एलिना पर एक आरोप यह भी लगा कि उन्होंने भारतीय मूल के खिलाड़ी होने की वज़ह से ऐसा व्यवहार किया. अगर यही विदेशी खिलाड़ी होते तो शायद उनके साथ एलिना ऐसा व्यवहार नहीं करतीं.</p><p>हॉकी इंडिया का इसपर कहना है कि जब वहां किसी भी खिलाड़ी को जाना मना है तो भेदभाव करने का सवाल ही नहीं उठता.</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/sport-46479427">अपने एक मलाल और धोनी-कोहली से रिश्तों पर बोले गंभीर</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/sport-46440570">भारतीय दुकानदारों को याद करते पाकिस्तानी खिलाड़ी</a></li> </ul><p>हालांकि भारतीय कप्तान मनप्रीत सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस से काफी चीज़े साफ हुईं.</p><p>उन्होंने विवाद को पूरी तरह से नकारते हुए कहा कि टीम का ध्यान अभी अपने अहम मुकाबले जीतने पर है इसलिए इस बात से ज़्यादा, आने वाले कल पर ध्यान दें. </p><p>जब हमने फ़ेसबुक पर लिओ देवाडॉस से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि खिलाड़ी हो सकता है दबाव में आकर ऐसा कह रहे हों. मैं मानता हूं कि नियम का पालन हर किसी को करना चाहिए लेकिन जिस तरह से सीईओ खिलाड़ियों से पेश आईं वह उन्हें और उनके पद को शोभा नहीं देता. </p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम</a><strong> और </strong><a href="https://www.youtube.com/bbchindi/">यूट्यूब</a><strong> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>

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By Prabhat khabar digital desk

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