-वार्ता रद्द होने से पाक पीएम के बिगड़े बोल
-भारत-पाक के बीच और बढ़ी तल्खी
-बौखलाये इमरान ने कहा- छोटे लोगों के पास दूरदर्शी सोच नहीं
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से इतर भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की प्रस्तावित मुलाकात रद्द किये जाने से पाकिस्तान बौखला गया है. लिहाजा, उसके प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री व अन्य बारी-बारी से इस पर बयानबाजी कर रहे हैं. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने शनिवार को बैठक को रद्द किये जाने संबंधी भारत के निर्णय को ‘अहंकारी’ रुख बताया. इस दौरान इमरान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बिना नाम लिये तंज कसा. उन्होंने ट्वीट किया, ‘शांति बहाली के लिए वार्ता की मेरी पहल पर भारत ने अहंकारी और नकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, जिससे मैं बेहद निराश हूं. हालांकि, मैं पूरी जिंदगी छोटे लोगों से मिला हूं, जो ऊंचे पदों पर बैठे हैं, लेकिन इनके पास दूरदर्शी सोच नहीं है.’ दरअसल, भारत ने तीन पुलिसकर्मियों की बर्बर हत्या व पाक द्वारा कश्मीरी आतंकी बुरहान वानी का महिमामंडन करने वाली डाक टिकटें जारी करने का हवाला देते न्यू यॉर्क में होने वाली विदेश मंत्रियों की बैठक रद्द कर दी.
जवाब देने और दर्द महसूस कराने का वक्त : सेना प्रमुख
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को कहा कि आतंकियों व पाकिस्तानी सेना द्वारा हमारे सैनिकों के खिलाफ बर्बरतापूर्ण कार्रवाई का बदला लेने के लिए हमें कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है. उन्हें उन्हीं के तरीके से जवाब दिये जाने का समय है, लेकिन वैसी ही बर्बरता अपनाने की जरूरत नहीं. मुझे लगता है कि दूसरे पक्ष को वही दर्द महसूस होना चाहिए. जम्मू-कश्मीर में बीएसएफ के एक जवान के शव से हैवानियत की घटना के मुद्दे पर सेना प्रमुख ने कहा कि इस तरह का कृत्य अस्वीकार्य है और बिना बर्बरता के इसका बदला लिये जाने की जरूरत है. पाकिस्तान से बातचीत रद्द होने पर सेना प्रमुख ने सरकार के स्टैंड का समर्थन किया. कहा कि आतंक और बातचीत एकसाथ नहीं चल सकते हैं. मुझे लगता है कि सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ गया है. केंद्र सरकार ने इस दिशा में अच्छा काम किया है.
उस व्यक्ति (इमरान खान) से और क्या उम्मीद की जा सकती है, जो अपने देश की सेना के निर्देश पर प्रधानमंत्री के पद पर बैठा है. वह अपने देश की सेना के निर्देशों पर सत्ता में है. जब तक हमारे सैनिकों की हत्या की जाती रहेगी, तब तक पाकिस्तान के साथ कोई वार्ता नहीं होगी.
रविशंकर प्रसाद, केंद्रीय मंत्री
सूप बोले तो बोले, छलनी क्या बोले, जिसमें एक हजार छेद हैं. जो आतंकवाद का जन्मदाता है, उस पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं है कि भारत सरकार और प्रधानमंत्री के बारे में अपशब्द बोले. यह हमें कभी स्वीकार नहीं हो सकता. इमरान खान सेना का मुखौटा है.
रणदीप सुरजेवाला, मुख्य प्रवक्ता, कांग्रेस
