स्विट्जरलैंड ने आयुर्वेदिक चिकित्सकों और दवाओं के लिए नियम बनाने को लेकर समिति गठित की

बर्न : स्विट्जरलैंड ने देश में आयुर्वेदिक इलाज करने वाले डॉक्टरों और औद्योगिक दवाइयों की मंजूरी के लिए नीति तैयार करने को लेकर एक समिति गठित की है. स्विस सरकार ने 2015 में आयुर्वेद इलाज और दवाओं को मंजूरी दी. स्विट्जरलैंड पहला पश्चिमी देश है, जिसने भारत की इस परंपरागत चिकित्सा प्रणाली को मंजूरी दी […]

बर्न : स्विट्जरलैंड ने देश में आयुर्वेदिक इलाज करने वाले डॉक्टरों और औद्योगिक दवाइयों की मंजूरी के लिए नीति तैयार करने को लेकर एक समिति गठित की है. स्विस सरकार ने 2015 में आयुर्वेद इलाज और दवाओं को मंजूरी दी. स्विट्जरलैंड पहला पश्चिमी देश है, जिसने भारत की इस परंपरागत चिकित्सा प्रणाली को मंजूरी दी है.

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इस मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यहां आयुर्वेद में भरोसा करने वालों की संख्या काफी ज्यादा है. सरकार ने इस संदर्भ में नीति बनाने को लेकर एक संयुक्त समिति बनायी है. स्विट्जरलैंड जिन क्षेत्रों में संभावना टटोल रहा है, उसमें आयुर्वेद चिकित्सकों और उससे जुड़ी दवाओं की बिक्री शामिल हैं. उसने कहा कि डाक्टरों को मंजूरी देने के लिये परीक्षा कराया जाना है और उसके लिये पाठ्यक्रम की जरूरत है.

अधिकारी ने कहा कि कई होटल स्पा पैकेज के रूप में आयुर्वेद मालिश की पेशकश करते हैं और शुरुआती दिनों में ज्यादातर आयुर्वेदिक चिकित्सकों के पास न्यूनम पात्रता और अनुभव की कमी थी. उन्होंने कहा कि नतीजतन साख और पहचान की कमी के कारण ज्यादातर स्वास्थ्य बीमा कंपनियां आयुर्वेद इलाज में खर्च का भुगतान करने से इनकार कर देते हैं. इन सभी मुद्दों का समाधान करने की जरूरत है.

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